रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं पर की झलकी नाराजगी

लॉ एंड ऑर्डर पर मंथन लेकिन काबू में नहीं आ रहे हुड़दंगी

शहर और आसपास के क्षेत्रों में पीक ऑवर और रात की गस्त बढ़ायी जाए: मुख्य सचिव

वीकेंड में देहरादून को पार्टी और हुड़दंगियों को अड्डा ना बनने दिया जाए

बार क्लोजिंग टाइम को प्रभावी रूप से किया जाए एनफोर्स

दिल्ली-देहरादून हाईवे खुलने के बाद सप्ताहांत के लिए और भी अधिक तैयार रहने की आवश्यकता है

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। प्रदेश में कानून व्यवस्था की लगातार बिगड़ रही स्थिति को देखते हुए शासन अलर्ट मोड में नजर आया।
हाल ही में दून में बीटेक छात्र की हत्या, पीआरडी कर्मी सुनील रतूड़ी की पुलिस हिरासत में मौत व 30 मार्च को मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर एम के जोशी की गोली लगने से मौत से कानून व्यवस्था को लेकर जनता में दहशत व घबराहट का माहौल देखा जा रहा है।

आये दिन छात्रों के गुटों के बीच हथियार चलने व उदंड तरीके से वाहन चलाने की घटनाओं को पुलिस रोक नहीं पा रही है।

दून व अन्य इलाकों की बिगड़ रही शांत फिजां के बाद शासन स्तर पर हरकत देखने को मिली।
ऐसे में मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शहर में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक ली।

मुख्य सचिव ने रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं के बढ़ने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसी घटनाओं रोकने के लिए निगरानी बढ़ाए जाने और हुड़दंगियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गस्त बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसएसपी देहरादून को अपने सभी थानेदारों को पीक ऑवर में गश्त बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि डे – नाईट पेट्रोलिंग के साथ ही मॉर्निंग पेट्रोलिंग को भी बढ़ाया जाए।

मुख्य सचिव ने बार और रेस्टोरेंट क्लोजिंग के लिए निर्धारित समय को कठोरता से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सप्ताहांत में देहरादून को पार्टी और हुड़दंगियों को अड्डा ना बनने दिया जाए, इसके लिए हुड़दंगियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने के साथ ही बार संचालकों को भी इसके लिए जागरूक करते हुए समय पर बार बंद कराये जाने को एनफोर्स कराया जाए।

मुख्य सचिव ने बार संचालन के नियमों का पालन ना करने वाले बार और अवैध बार संचालकों पर भी कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपनी ड्यूटी को मुस्तेदी से ना करने वाले लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शहर के आसपास के क्षेत्रों में खुले होम स्टे पर भी निगरानी किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए होम स्टे की मैपिंग की जाए एवं निगरानी रखी जाए कि ये होम स्टे जो टूरिज्म प्रमोशन के लिए बने थे, कहीं लगातार बार लाइसेंस लेकर इसका दुरुपयोग तो नहीं कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे खुलने के बाद सप्ताहांत के लिए और भी अधिक तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस के लिए अभी से तैयारी करने की आवश्यकता है। उन्होंने हुड़दंगियों की पहचान हो सके इसके लिए किरायेदारों और पीजी में रहने वालों का भी सघन सत्यापन अभियान चलाया जाए।

इस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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