अवैध खनन की जांच कर रही वन विभाग की टीम पर हमला

क्रॉस एफआईआर दर्ज

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वन विभाग व खनन कारोबारी ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई

खनन माफिया के हमले से वन विभाग में दहशत

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। एक तरफ बेहतर खनन राजस्व के लिए केंद्र सरकार धामी सरकार को भारी भरकम प्रोत्साहन राशि दे रही है। और खनन करने वाले वन विभाग के कर्मियों पर हमला कर रहे हैं।

देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में बड़वाला-हरिपुर पुल के पास अवैध खनन की जांच कर रही वन विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। चकराता वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी राजीव नयन नौटियाल ने कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत के अनुसार 27 फरवरी की शाम करीब 5.30 बजे कालसी से लौटते समय बड़वाला क्षेत्र में हरिपुर से यमुना नदी की ओर जा रहे एक डंपर का वीडियो बनाया जा रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध करते हुए वन अधिकारी और उनकी टीम से मारपीट की तथा सरकारी कार्य में बाधा डाली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल कर्मचारियों को उपचार के लिए भेजा गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में अवैध खनन और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कोतवाली विकासनगर पुलिस ने बताया कि वन अधिकारी की शिकायत पर मु0अ0सं0 59/26 में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी मनीष चौहान निवासी बड़वाला की तहरीर पर मु0अ0सं0 60/26 दर्ज किया गया है। दोनों मामलों की विवेचना जारी है। उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डंपर ने भैंसे कुचली

राजधानी के करीब विकासनगर क्षेत्र में डंपर
ने वन गुर्जरों की कई भैंसे कुचल दी। खनन इन लगे ये डम्पर खुलेआम नियमों का उल्लंघन।करते हुए सड़क पर दौड़ रहे हैं। इन पर कोई अंकुश नहीं दिख रहा। वन गुर्जरों की भैंसे मरने से काफी नुकसान हुआ है।

क्यों बढ़ रही हैं अवैध खनन की शिकायतें

  • यमुना घाटी और विकासनगर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं।
  • स्थानीय स्तर पर रात में खनन और ओवरलोड डंपरों की आवाजाही की शिकायतें सामने आती हैं।
  • संयुक्त अभियान में वन और राजस्व विभाग ने पहले भी कई वाहन सीज किए हैं।

सरकारी कर्मचारियों पर हमले चिंता का विषय

  • कार्रवाई के दौरान राजस्व, वन और पुलिस टीमों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।
  • अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित मुकदमा और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
  • कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात करने की मांग उठी है।

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