350 किमी पैदल चलकर उत्तराखण्ड से दिल्ली पहुंची पीड़ित महिलाएं
महिलाओं ने उत्तराखंड के सांसदों पर उठाए सवाल
अविकल उत्तराखंड
नई दिल्ली। एलयूसीसी (LUCC) कंपनी द्वारा आम जनता का पैसा हड़प कर फरार हो जाने के मामले को लेकर उत्तराखंड की महिलाएं संघर्षरत हैं। इसी क्रम में सरस्वती देवी के नेतृत्व में महिलाओं का एक समूह श्रीनगर (गढ़वाल) से नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन तक लगभग 350 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकला है। यह यात्रा 26 फरवरी 2026 को शुरू की गई।
यात्रा के दौरान कई स्थानों पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद महिलाओं ने रात के समय पैदल चलकर अपना सफर जारी रखा। 8 मार्च को जब महिलाएं राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रही थीं, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

9 मार्च को बिहार के काराकाट से भाकपा (माले) के सांसद कॉमरेड राजाराम सिंह ने इन महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने एलयूसीसी कंपनी से जुड़े इस मामले को लोकसभा में उठाने का आश्वासन दिया।
सांसद राजाराम सिंह से मिलने वालों में सरस्वती देवी, संगीता देवी, गंगा भंडारी और अरुणा भट्ट शामिल थीं। महिलाओं ने उन्हें निवेशकों की समस्या और अपनी मांगों से अवगत कराया।

इस बीच,सरस्वती देवी ने उत्तराखंड के सांसदों की उदासीनता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि वे दिल्ली में उत्तराखंड के पांच सांसदों को ढूंढ रही हैं, लेकिन किसी ने भी उनकी सुध लेने की जरूरत नहीं समझी।
इस बैठक का समन्वय भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी की सदस्य कॉमरेड श्वेता राज ने किया। महिलाओं ने सांसद राजाराम सिंह और सहयोगियों का आभार जताया तथा अपने संघर्ष को जारी रखने की बात कही। साथ ही सरस्वती देवी सहित सभी महिलाओं के आंदोलन के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की।

