दून के 20 से अधिक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय फिडे रैंकिंग हासिल

दून में ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय शतरंज आयोजन सैकड़ों खिलाड़ियों की भागीदारी

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। हाल ही में दून में आयोजित फिडे रैपिड शतरंज प्रतियोगिता में प्रदेश के बीस से अधिक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय फिडे रैंकिंग हासिल हुई।

टचवुड इंटरनेशनल स्कूल में रविवार को आयोजित प्रथम देहरादून ओपन FIDE रेटेड रैपिड शतरंज टूर्नामेंट 2026 में 21 राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

विश्व शतरंज महासंघ (FIDE) के नियमों के अंतर्गत आयोजित यह प्रतियोगिता उत्तराखंड के इतिहास के सबसे बड़े और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण शतरंज आयोजनों में से एक बनकर उभरी।

इस टूर्नामेंट ने देशभर से खिलाड़ियों को आकर्षित करने के साथ-साथ शहर के शतरंज परिदृश्य पर स्थायी प्रभाव डाला।

दो दिवसीय प्रतियोगिता में 21 राज्यों से 460 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 3 फिडे मास्टर और 1 कैंडिडेट मास्टर सहित 171 अंतरराष्ट्रीय रेटेड खिलाड़ी शामिल थे।

कुल 10 स्विस राउंड में खेले गए इस टूर्नामेंट ने अनरेटेड खिलाड़ियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय FIDE रेटिंग प्राप्त करने तथा रेटेड खिलाड़ियों को अपनी रैंकिंग सुधारने का अवसर प्रदान किया।

विशेष रूप से, इस प्रतियोगिता के परिणामस्वरूप देहरादून के 20 से अधिक खिलाड़ियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय FIDE रेटिंग प्राप्त हुई, जिससे शहर में अंतरराष्ट्रीय रेटेड खिलाड़ियों की कुल संख्या कई गुना बढ़ गई।

आयोजकों ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड में प्रतिस्पर्धी शतरंज के विकास को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय खिलाड़ियों को राज्य से बाहर गए बिना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का मार्ग मिलेगा।

दस राउंड की रोमांचक प्रतिस्पर्धा के बाद प्रकाश राम (पंजाब) ने 10 में से 9 अंक अर्जित कर टाईब्रेक के आधार पर चैम्पियनशिप जीती। सोनी कृष्ण (दिल्ली) समान अंक लेकर द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि विदित सेठी (उत्तर प्रदेश) ने 8.5 अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड के कई उभरते युवा खिलाड़ियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन कर प्रदेश की प्रतिभा का परिचय दिया।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधायक उमेश शर्मा (काऊ) तथा विशिष्ट अतिथि पार्षद अभिषेक पंत रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए युवाओं में विश्लेषण क्षमता, धैर्य और अनुशासन के विकास के लिए शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों के महत्व पर बल दिया।

मंच पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में IA अनुराग सिंह (टूर्नामेंट डायरेक्टर), अमन सक्सेना (डायरेक्टर, टचवुड स्कूल), परिषी सिंह किलेदार (CEO, चेस नाइट अकादमी), मेजर पंकज चंद (सेवानिवृत्त), रोहित पुरी, संजय रावत तथा शतरंज जगत एवं स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य शामिल रहे।

प्रतियोगिता का संचालन मुख्य निर्णायक IA अम्बरीश सी. जोशी के नेतृत्व में पेशेवर आर्बिटर पैनल द्वारा किया गया, जिसमें FIDE लॉज़ ऑफ चेस, डिजिटल पेयरिंग सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया।
खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल व्यवस्था, लाइव पेयरिंग अपडेट और सुव्यवस्थित राउंड प्रबंधन प्रदान किया गया, जो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के समकक्ष रहा।

प्रतिभागियों और अभिभावकों ने उत्कृष्ट संगठन, आतिथ्य और सुचारु संचालन की सराहना की। कई बाहरी खिलाड़ियों ने भी माना कि देहरादून अब बड़े राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शतरंज आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम हो चुका है।

आयोजक संस्था चेस नाइट अकादमी ने बताया कि देशभर से मिली भारी भागीदारी और देहरादून के नए रेटेड खिलाड़ियों का निर्माण प्रदेश में शतरंज की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। भविष्य में इस प्रतियोगिता को वार्षिक अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर इवेंट बनाने तथा आगामी संस्करणों में क्लासिकल प्रारूप जोड़ने की योजना भी घोषित की गई।

उल्लेखनीय भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय मान्यता और खिलाड़ियों की रेटिंग में ठोस वृद्धि के साथ यह प्रतियोगिता उत्तराखंड के प्रतिस्पर्धी शतरंज इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई जिसने देहरादून को उत्तर भारत के उभरते शतरंज केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।

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