मंत्री रेखा आर्य के पति के लड़की खरीद बयान से चढ़ा राजनीतिक पारा

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कांग्रेस और भाजपा सड़क पर,पुतला दहन व नारेबाजी

महिला कांग्रेस का दून में उग्र प्रदर्शन,साहू पर मुकदमा दर्ज करने की मांग

गिरधारी साहू ने कहा था,बिहार में 20-25 हजार में मिल जाती हैं लड़कियां

17 जनवरी तक कार्रवाई नहीं तो 18 को एसएसपी कार्यालय का घेराव: हरीश रावत

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। भाजपा सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी साहू के बिहार से 20-25 हजार में लड़की खरीद सम्बन्धी बयान ने विस्फोटक शक्ल अख्तियार कर ली है।
सोमवार को महिला कांग्रेस ने थाने में उग्र प्रदर्शम किया। थाली बजायी और साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
देहरादून के कोतवाली व डालनवाला थाने में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में सुबह से रात तक जोरदार नारेबाजी की गई।


पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई।
पुलिस ने महिला कांग्रेस कार्यकत्रियों को जबरन वाहन में डालकर ऋषिकेश तक भी ले गए। रात 11 बजे तक विरोध प्रदर्शन चलते रहे।
दिन भर पुलिस लाइन और थाने में घेराव व नारेबाजी होती रही। भारी ठंड में पूर्व सीएम हरीश रावत भो थाने में डटे रहे। इस बीच,रघुपति राघव राजा राम..भजन का भी खूब पाठ हुआ।
दूसरी ओर, मंगलवार को सोमेश्वर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ प्रदर्शन किया (देखें नीचे लिंक)

इधऱ,
गिरधारी साहू के लड़की खरीद सम्बन्धी बयान से भाजपा की मुश्किलें और भी बढ़ गयी है। भाजपा पहले से ही अंकिता भंडारी मर्डर, किसान सुखवंत की आत्महत्या समेत कुछ अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर डिफेंसिव मोड़ में दिख रही है।

प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड महिला कांग्रेस ज्योति रौतेला के नेतृत्व में सोमवार को उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने देहरादून स्थित कोतवाली डालनवाला में न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा सार्वजनिक मंच से दिए गए अत्यंत शर्मनाक, अमर्यादित और निंदनीय बयान के विरोध में किया गया।


महिला कांग्रेस ने कहा कि “बिहार से 20–25 हजार रुपये में लड़कियाँ लाई जाती हैं” जैसा बयान न केवल महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला है, बल्कि यह महिलाओं को वस्तु समझने वाली घृणित और असंवेदनशील मानसिकता को भी उजागर करता है।


महिला कांग्रेस ने बताया कि इस आपत्तिजनक बयान के खिलाफ 2 जनवरी को कोतवाली डालनवाला में विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन इतने गंभीर मामले में अब तक संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध FIR दर्ज नहीं की गई है। संगठन का आरोप है कि यह प्रशासनिक निष्क्रियता न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और महिलाओं के प्रति अपराधों को संरक्षण देने जैसा प्रतीत होती है।


न्याय की मांग को लेकर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कोतवाली डालनवाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और घेराव किया।
महिला कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद पुलिस द्वारा महिला कार्यकर्ताओं के साथ जोर-जबरदस्ती, अभद्रता और अमर्यादित व्यवहार किया गया। इस दौरान महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की गई तथा कुछ महिला कार्यकर्ताओं के कपड़े फाड़े जाने की घटनाएं भी सामने आईं, जिसे महिला कांग्रेस ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गहरा कलंक बताया।


इसके बाद महिला कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया। वहां से रिहा किए जाने के बाद जब वे पुनः कोतवाली डालनवाला पहुँचीं, तो पुलिस द्वारा एक बार फिर दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर ऋषिकेश ले जाया गया। ऋषिकेश पहुँचने के बाद पुलिस वाहन को पुनः देहरादून की ओर मोड़ दिया गया और महिला कार्यकर्ताओं को वापस पुलिस लाइन में छोड़ दिया गया।


इसके उपरांत महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता तीसरी बार कोतवाली डालनवाला पहुँचीं और FIR दर्ज किए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी धरना स्थल पर पहुँचे, जिससे महिला कार्यकर्ताओं का मनोबल और अधिक मजबूत हुआ।


सुबह से लेकर रात लगभग 10:30 बजे तक महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता लगातार धरने पर डटी रहीं। महिला कांग्रेस के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर एकत्र हुए। बढ़ते दबाव के चलते थानाध्यक्ष, सीओ सिटी और एसपी सिटी कोतवाली डालनवाला पहुँचे तथा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और महिला कांग्रेस अध्यक्ष से वार्ता की।


पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि देहरादून के एसएसपी द्वारा अल्मोड़ा के एसएसपी को पत्र भेजकर मामले में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


इस पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 17 जनवरी तक महिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दी गई शिकायत पर गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध FIR दर्ज नहीं की जाती है, तो 18 जनवरी को देहरादून स्थित एसएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद कोतवाली डालनवाला पर चल रहा धरना 18 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
महिला कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि यह पूरा घटनाक्रम न्याय की आवाज़ को दबाने और महिलाओं को डराने का प्रयास है, जिसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


इस मौके पर पूर्व विधायक राजकुमार, संगठन महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, जसविंदर सिंह गोगी, आशा मनोरमा, संजय शर्मा, बब्बन सती, अमरजीत सिंह, यशपाल चौहान, अश्विन बहुगुणा सहित अन्य वरिष्ठ नेतागण एवं सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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