डीपीसी के बाद पदोन्नति की जगह सेवानिवृत्ति आदेश

चर्चा में आया आडिट निदेशालय का मामला

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। उत्तराखंड के आडिट निदेशालय में उपनिदेशक पद पर पदोन्नति से जुड़ा एक मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विभागीय चयन समिति की बैठक में चयनित बताए जा रहे जिला लेखा परीक्षा अधिकारी किशन सिंह बिष्ट को पदोन्नति आदेश मिलने से पहले ही सेवानिवृत्ति आदेश जारी हो गया।

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जानकारी के अनुसार 27 फरवरी को सचिव वित्त के कक्ष में डीपीसी की बैठक हुई थी। अगले ही दिन 28 फरवरी को नैनीताल में तैनात बिष्ट की सेवानिवृत्ति तय थी। पदोन्नति आदेश की प्रतीक्षा के बीच उन्हें सेवामुक्ति आदेश मिल गया, जिससे विभागीय कर्मचारियों में असंतोष देखा गया। इस प्रकरण पर उत्तराखंड कार्मिक एकता मंच के संस्थापक अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे ने जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि पदोन्नति आदेश जारी नहीं करना था तो डीपीसी क्यों की गई। बताया गया कि तीन माह पहले उपनिदेशक मनोज कुमार सिंह के संयुक्त निदेशक पद पर पदोन्नत होने से यह पद रिक्त हुआ था। वित्त अनुभाग-6 की ओर से अपर सचिव हिमांशु खुराना के हस्ताक्षर से जारी कार्यालय ज्ञापन में सेवा अवधि में शिथिलीकरण का प्रावधान किया था। वहीं उप सचिव आलोक कुमार सिंह द्वारा डीपीसी बैठक का पत्र जारी किया था। मामले के सामने आने के बाद कर्मचारी संगठनों ने नियमों की समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।

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