कॉर्बेट पार्क में डेढ़ साल की बाघिन की संदिग्ध मौत

डेढ़ साल की बाघिन की मौत से हड़कंप, एसडीओ को सौंपी जांच

अविकल उत्तराखंड 

रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क में एक डेढ़ साल की बाघिन का शव मिलने से पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन ने वनाधिकारियों द्वारा तय मानकों के अनुरूप टीम का गठन कर मृत मिले बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसका शव नष्ट करवा दिया गया।

घटना के 24 घंटे बाद कॉर्बेट पार्क के बिजरानी क्षेत्र में मिले मादा शावक के शव की यह जानकारी मीडिया से साझा करते हुए पार्क प्रशासन के मीडिया सेल ने बताया कि 28 अक्तूबर की शाम साढ़े पांच बजे कार्बेट टाइगर रिजर्व की बिजरानी रेंज के अर्न्तगत बिजरानी दक्षिणी बीट मलानी ब्लॉक कक्ष संख्या 18 बिजरानी चौड़ में हाथी गश्ती दलों द्वारा एक बाघ मृत अवस्था में देखा गया। जिसकी सूचना तत्काल विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई। खबर मिलने पर वन क्षेत्राधिकारी बिजरानी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। जिसके बाद मृत मिले बाघ के शव के पोस्टमार्टम के लिए एनटीसीए द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पैनल का गठन करते हुए पैनल में कार्बेट टाइगर रिजर्व के वेटनरी डॉक्टर्स दुष्यन्त शर्मा, डॉ. आयुष उनियाल, एनटीसीए द्वारा नामित प्रतिनिधि एजी अंसारी, विश्व प्रकृति निधि की प्रतिनिधि कृतिका भावे को शामिल किया गया। वेटनरी डॉक्टर्स की टीम ने पैनल व अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही मृत बाघ के शव के पोस्टमार्टम की कार्यवाही की।

पशु चिकित्साधिकारियों के मुताबिक मृत बाघिन की आयु लगभग डेढ़ वर्ष बताई गई। मौके पर बाघिन के नाखून, दांत, हडिडयाँ इत्यादि सभी अंग सुरक्षित पाये गये हैं। पोस्टमार्टम के उपरान्त शव के अवशेषों का राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्धारित मानकों के अनुसार जलाकर निस्तारण कर दिया गया। इसके साथ ही मृत मादा बाघ के अंगों के सैम्पल एकत्र कर परीक्षण हेतु भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा जा रहा है। मृत मादा बाघ की मौत किन कारणों से हुई, इसकी जांच के लिए एसडीओ बिजरानी को जांच अधिकारी बनाकर प्रकरण की जांच उन्हें सौंप दी है।

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