अविकल उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने राज्य सरकार पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया है और साथ ही कहा कि राज्य सरकार विपक्षी दलों के जनतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है ।
कर्स और विधानसभा पर प्रदर्शन में भाग लेने के बाद यहां लौटने पर धीरेंद्र प्रताप ने कहा की प्रदर्शन ने सरकार की चूले दिला दी हैं ।उन्होंने कहा कि जिस तरह से गैरसेंण में सरकारी नीतियों का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोका गया उन्हें पीटा गया यह सीधा-साधा तानाशाही सरकार का उदाहरण है।
उन्होंने राज्य सरकार में मंत्रियों द्वारा कांग्रेस विधायकों के सवालों के जवाब दिए जाने में बदतमीजी किए जाने की भी निंदा की है ।
उन्होंने कहा कि विधायकों को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है लेकिन जिस तरह से मंत्री जवाब दे रहे हैं उसमें उनके घमंड अहंकार और बदतमीजी के तत्व साफ दिखाई दे रहे हैं ।
प्रताप ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों को होश में रखना चाहिए यह नहीं कि वह बदतमीजी से पेश आए ।
अगर इसी तरह की हालत रही तो कांग्रेस के लोगों को सड़कों पर उनको जवाब देना होगा ।
उन्होंने कहा कि बदतमीजी की हद हो गई है उन्होंने कहा काजी निजामुद्दीन ने जो सवाल किया वह बहुत ही भद्रता की हद में था लेकिन मंत्री जिस तरह से जवाब दे रहे हैं वह शोभा नहीं देता ।
उन्होंने 56000 करोड़ का बिना बजट संकल्पों के इस्तेमाल किया जाना इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला बताया और मुख्यमंत्री से इस 56000 करोड़ के खर्च का जवाब देने की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि इस मामले में अगर विपक्ष के लोग भी कहीं पर फसे हैं तो उन पर भी मुकदमा होना चाहिए । कांग्रेस को इस पर कोई एतराज नहीं है।
उनका 56000 करोड़ की रकम बहुत बड़ी रकम होती है यह कोई अठन्नी चवन्नी नहीं जि से कि जैसे तैसे इस्तेमाल कर ले।
उन्होंने कहा यह भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है ।
जिसको लेकर जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। पैसा कोई हराम का नहीं है जनता की कमाई का पैसा है।

