विकसित भारत रोजगार योजना
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगारोन्मुखी योजना है, जिसका उद्देश्य देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करना तथा औपचारिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है
इस अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, गढ़ी कैंट, देहरादून समेत हरिद्वार एवं सेलाकुई में भी समानांतर समारोह आयोजित होंगे
कार्यक्रम के दौरान पीएमवीबीआरवाई के अंतर्गत नव नियुक्त कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं द्वारा नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे
अविकल उत्तराखंड
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) के अंतर्गत देश भर के पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि जारी करने हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होगा। प्रधानमंत्री श नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान लगभग 2400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जाएगा।19 जून को विज्ञान भवन में यह कार्यक्रम आयोजित होगा।
इस अवसर पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, गढ़ी कैंट समेत हरिद्वार एवं सेलाकुई में भी समानांतर समारोह आयोजित होंगे।
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में राज्य के मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, नियोक्ता, कर्मचारी तथा अन्य हितधारकों को भी आमंत्रित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान पीएमवीबीआरवाई के अंतर्गत नव नियुक्त कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं द्वारा नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे, जो युवाओं के औपचारिक रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
इस पहल की पहुँच व प्रभाव को और व्यापक बनाने के लिए, देश भर के 200 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों व राज्यों की राजधानियों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जो नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में किये जा रहे मुख्य कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
पीएमवीबीआरवाई भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी रोजगारोन्मुखी योजना है, जिसका उद्देश्य देश में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करना तथा औपचारिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना में अतिरिक्त लाभ का प्रावधान किया गया है।
योजना के अंतर्गत ₹99,446 करोड़ के कुल परिव्यय से दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन का अनुमान है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ प्रथम बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करने वाले युवाओं को लाभ मिलने की संभावना है। योजना का लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होगा।
योजना के प्रमुख प्रावधान के अंतर्गत, ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत तथा ₹1 लाख प्रतिमाह तक वेतन प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दो किश्तों में प्रदान की जाएगी। पहली किश्त 6 माह की निरंतर सेवा पूर्ण करने पर तथा दूसरी किश्त 12 माह की सेवा एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत देय होगी।
अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन दो वर्षों तक प्रदान किया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह लाभ तीसरे एवं चौथे वर्ष तक भी विस्तारित रहेगा। 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 2 तथा 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम 5 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी)- योजना के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम (एबीपीएस) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी, जबकि नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि उनके पैन-लिंक्ड बैंक खातों में जमा की जाएगी।
क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून की उपलब्धियों के अंतर्गत, पीएमवीबीआरवाई के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। योजना के भाग-ए (प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारी) के अंतर्गत: मार्च 2026 में 435 प्रतिष्ठानों के 985 कर्मचारियों को लगभग ₹57.60 लाख की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा चुकी है। जून 2026 में 902 प्रतिष्ठानों के 3,991 कर्मचारियों को लगभग ₹2.22 करोड़ की राशि वितरित की जाएगी। इस प्रकार योजना के प्रथम 9 माह में कुल 4,976 प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को लगभग ₹2.80 करोड़ का लाभ प्राप्त होगा।
नियोक्ताओं को प्रोत्साहन (भाग-बी)- योजना के भाग-बी के अंतर्गत अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है मार्च 2026 में 141 नियोक्ताओं को लगभग ₹2.50 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। जून 2026 में 562 नियोक्ताओं को लगभग ₹15.82 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के अंतर्गत नियोक्ताओं को अबतक कुल ₹18.32 करोड़ का लाभ प्रदान किया जाना अनुमन्य है। यह उत्तराखंड में रोजगार सृजन एवं सामाजिक सुरक्षा विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।



