अमृत भारत योजना से स्टेशनों का कायाकल्प
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को डीआरएम मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने राज्य में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पूर्ण एवं प्रगतिरत रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की।
डीआरएम ने बताया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं। हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। इसके तहत नए स्टेशन भवन, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन एवं पैदल यात्रियों के अनुकूल डिजाइन, प्लेटफार्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफार्म शेड, नए एवं चौड़े फुट ओवर ब्रिज तथा आधुनिक सर्कुलेटिंग एवं पार्किंग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
हरिद्वार एवं देहरादून रेलवे स्टेशनों के लिए क्षमता वृद्धि के साथ व्यापक पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएँ, आइकॉनिक टर्मिनल डिजाइन, आगमन एवं प्रस्थान का पृथक्करण तथा बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योग नगरी ऋषिकेश से कर्णप्रयाग को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना (125.20 किलोमीटर) निर्माणाधीन है। इस परियोजना में 12 स्टेशन, 35 पुल एवं 17 सुरंगें शामिल हैं, जिनमें प्रमुख सुरंगों का कार्य लगभग 94 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है।
डीआरएम ने यह भी जानकारी दी कि पत्री में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा का विकास किया जा रहा है तथा पत्री और ज्वालापुर रेलवे स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग के लिए उन्नत किया जा रहा है।
भेंट के दौरान डीआरएम मुरादाबाद ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रुड़की–देवबंद नई रेलवे लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) का कमीशनिंग कर दिया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत बनहेड़ा खास एवं झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है।
इसके साथ ही राज्य के प्रमुख रेल मार्गों पर गति वृद्धि से संबंधित कार्य भी पूर्ण किए गए हैं। लक्सर–हरिद्वार रेल खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा की गति तक उन्नत किया गया है, जबकि सहारनपुर–हरिद्वार खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 130 किलोमीटर प्रति घंटा गति लक्ष्य के लिए डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है तथा दीर्घकालिक रूप से 160 किलोमीटर प्रति घंटा गति के लिए मार्गों की पहचान की गई है।
उन्होंने बताया कि लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस से संबंधित कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इन कार्यों से रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा व्यस्त क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या में कमी आई है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इकबालपुर आरओबी, धनौरा आरओबी तथा लक्सर एलएचएस से संबंधित लंबित मामलों पर राज्य और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24-कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। साथ ही वन्यजीव संस्थान के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना भी तैयार की जा रही है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने तथा आगामी अर्द्धकुंभ को देखते हुए रेल एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।

