ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड पुलिस देश में अव्वल

प्रयागराज महाकुंभ–2025 – एसडीआरएफ सम्मानित

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक साथ दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धियाँ हासिल कर राज्य का नाम देशभर में रोशन किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड पुलिस ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं, प्रयागराज महाकुंभ–2025 के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है।

इन उपलब्धियों की जानकारी पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था तथा मुख्य प्रवक्ता पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार मीणा ने सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था धीरेन्द्र गुंज्याल, सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी, पुलिस अधीक्षक अपराध विशाखा अशोक भदाणे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा प्रकाशित CCTNS/ICJS प्रगति डैशबोर्ड की मासिक रैंकिंग में उत्तराखण्ड को 93.46 अंक प्राप्त हुए। इस सूची में हरियाणा 93.41 अंक के साथ दूसरे और असम 93.16 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह उपलब्धि उत्तराखण्ड पुलिस की तकनीकी दक्षता, डिजिटल नवाचार और जिलों के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ICJS 2.0 को वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य तय किया है, जिसके तहत पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक तथा फिंगरप्रिंट डेटाबेस को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाना है।

उत्तराखण्ड ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अधिकांश मॉड्यूल्स का एकीकरण समय से पहले पूरा कर लिया है।
ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के सभी जिलों में केस डायरी, चार्जशीट, डिजिटल साक्ष्य एवं न्यायिक प्रक्रियाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकी हैं। “One Data, One Entry” की अवधारणा के अनुरूप CCTNS, e-Courts और e-Prisons के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया गया है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे जांच और अभियोजन की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित बनी है।

महाकुंभ–2025 में एसडीआरएफ की सराहनीय भूमिका
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ–2025 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध आयोजन सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की एक कंपनी को महाकुंभ ड्यूटी में तैनात किया गया था।

सेनानायक एसडीआरएफ के नेतृत्व में 112 सदस्यीय एसडीआरएफ दल ने 24 जनवरी से 27 फरवरी तक संगम नोज सहित अन्य अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में जल बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार, लापता श्रद्धालुओं की सहायता, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन रेस्क्यू सेवाओं में पूरी निष्ठा, अनुशासन और तत्परता के साथ कार्य किया।

एसडीआरएफ द्वारा प्रदर्शित इस अनुकरणीय सेवा और समर्पण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तराखण्ड एसडीआरएफ के अधिकारियों और जवानों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार मीणा द्वारा एसडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों को प्रदान किया गया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ICJS टीम सहित उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, तकनीकी नवाचार और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और साक्ष्य-आधारित होगी, जिससे न्याय प्रणाली को नई गति मिलेगी।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ICJS 2.0 के उन्नत मॉड्यूल्स—e-Sakshya, e-Summons और Nyaya Shruti के व्यापक उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे राज्य में डिजिटल न्याय प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।

महाकुंभ–2025 के दौरान उत्तराखण्ड एसडीआरएफ द्वारा निभाई गई उत्कृष्ट भूमिका की सराहना करते हुए पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार अनुशासन, पेशेवर प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *