भाजपा विधायक उमेश काऊ समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज

शिक्षक संघ आंदोलन से बोर्ड परीक्षा पर लग सकता है ग्रहण

भाजपा विधायक व अन्य की गिरफ्तारी को लेकर थाने में प्रदर्शन

भाजपा संगठन पार्टी विधायक उमेश काऊ पर कसा शिकंजा

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। शिक्षा निदेशक पर हमले के आरोप में  भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों के खिलाफ रायपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल की तहरीर के आधार पर की गई है।

उधर, शनिवार 21 फरवरी को शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल पर हमले के विरोध में आंदोलनकारी लुसुन टोडरिया, शिक्षक संघ व कर्मचारी संघों ने रायपुर थाने में प्रदर्शन किया। नाराज कर्मचारी व युवा भाजपा विधायक समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसके अलावा कांग्रेस व वामपंथी दलों ने भी भाजपा विधायक उमेश काऊ व समर्थकों के हमलावर रुख की कड़ी निंदा की है।

भाजपा विधायक उमेश काऊ-मेरे साथ पांच लोग थे। भीड़ तो शिक्षा विभाग की थी

मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने थाना रायपुर में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि उनके कार्यालय में पहुंचकर दबाव बनाने, अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर के अनुसार घटना 21 फरवरी को दोपहर के समय की बताई गई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य संकलन, वीडियो फुटेज की जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद शिक्षा विभाग और राजनीतिक हलकों में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा निदेशक के कार्यालय में घुसकर किये गए हमले में अजय नौडियाल घायल हुए। उन्हें कई टांके लगाए गए हैं। नौडियाल इसी महीने की 28 तारीख को रिटायर हो रहे है।
इन दिनों, उत्तराखण्ड बोर्ड की परीक्षा के दौरान हुए हमले से सत्ता व शासन के समक्ष नया संकट खड़ा हो गया है। अगर, शिक्षक – कर्मचारी संघ सड़कों पर उतर आया तो धामी सरकार के लिए नयी मुसीबत खड़ी हो जाएगी।

घायल निदेशक व स्टाफ

झगड़े की वजह

असगर स्थित एक अशासकीय विद्यालय का नाम बदलने के लिए भाजपा विधायक शिक्षा निदेशालय पहुंचे। निदेशक ने कहा कि नाम परिवर्तन शासन स्तर पर होगा। इसके बाद विधायक समर्थकों की तीखी नोक झोंक हंगामे में बदल गयी। बन्द कमरे में कुर्सियां फीकी गयी। इस मारपीट में शिक्षा निदेशक घायल हो गए।

भाजपा संगठन ने  विधायक से मांगा स्पष्टीकरण

वहीं भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षा निदेशक के साथ हुई मारपीट की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की है। पार्टी संगठन ने कहा है कि प्रकरण में आरोपी विधायक से जवाब तलब किया जाएगा और मामले को गंभीरता से लिया गया है।

आंदोलित शिक्षक संघ


प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी किसी भी प्रकार की अराजकता और हिंसा के खिलाफ है। जनसमस्याएं उठाना अलग बात है, लेकिन कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि रायपुर विधायक उमेश काऊ से पूरे घटनाक्रम को लेकर शीघ्र स्पष्टीकरण लिया जाएगा और उन परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जाएगी, जिनमें यह घटना हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून अपना कार्य करेगा और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई का पार्टी समर्थन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षक समुदाय से संयम बरतने की अपील भी की।


उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर किसी भी विवाद का असर छात्रों के भविष्य पर नहीं पडऩा चाहिए। शिक्षक समुदाय से अपेक्षा है कि वे छात्रों के हित को प्राथमिकता देते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें। पार्टी संगठन ने दोहराया कि आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

First Information contents (प्रथम सूचना तथ्य):

शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल की तहरीर

प्रेषक,

निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड, ननूरखेडा, देहरादून।

सेवा में,

थानाध्यक्ष, थाना रायपुर, देहरादून।

विषयः-

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय, उत्तराखण्ड में निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड एवं कर्मचारियों के साथ जानलेवा हामला, मारपीट / गालीगलौज एवं कार्यालय के बाहर जान से मारने की धमकी के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में।

महोदय,

उपर्युक्त विषयक निवेदन है कि आज दिनांक 21 फरवरी, 2026 समय लगभग 12:10 अपराह्न में मा०विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ एवं उनके साथ अन्य लोगों के द्वारा मेरे कार्यालय कक्ष, निदेशालय प्रारम्भिक शिक्षा ननूरखेडा में प्रवेश किया गया जिसकी मुझे पूर्व सूचना नही थी। तद्समय मेरे कक्ष में कार्यालय कार्मिकों श्री एस०पी०डबराल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, श्री मुकेश बहुगुणा, एम आई एस प्रभारी एवं अन्य के द्वारा विभागीय कार्यों से संबंधित पत्रावलियों पर चर्चा की जा रही थी। माननीय विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ द्वारा निदेशक के कक्ष में प्रवेश करते ही सभी कार्मिकों को गाली गलौच करने हुए बाहर निकलने के लिए कहा गया तथा उनके साथ आये अन्य लोगो बाहर न जाने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी गयी। मा० विधायक के निर्देशों का पालन करते हुए कार्मिक बाहर निकल गये। कार्मिकों के बाहर निकलते ही मा० विधायक श्री काऊ द्वारा अपने साथ आये लोगो को दरवाजा बन्द करने के लिए कहा गया और साथ ही अपने अन्य साथियों को मेरे फोन को जब्त करने के लिए कहा गया। अब कक्ष में मैं अकेला था जबकि मा० विधायक एवं उनके साथी मुझे लगातार गांलियों दे रहे थे साथ ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय का कार्य उनके सम्मुख ही निस्तारित करने के लिए कह रहे थे। मेरे द्वारा मा० विधायक को जानकारी दी गयी कि प्रकरण उत्तरखण्ड शासन को प्रेषित किया गया है तथा इसपर निर्णय शासन स्तर से ही लिया जा सकता है। मा० विधायक एवं उनके साथी लगातार मुझे जान से मारने की धमकी देते रहे और धक्कामुक्की करते रहे। दरवाजा अन्दर से बन्द था तथा गाली गलौच की जा रही थी जिसकी आवाज कक्ष से बाहर संभवतः जा रही थी इसलिए मा० विधायक के इस व्यवहार एवं उनके साथ आये अन्य व्यक्तियों के गुंडागरदी को देखते हुए कार्यालय कार्मिक कक्ष के बाहर एकत्रित होने लगे और कक्ष खोलने हेतु अनुरोध करने लगे लेकिन दरवाजा नही खोला गया। निदेशक के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए कार्मिकों द्वारा समय 12.37 पर 112 (पुलिस) को उक्त घटना से अवगत कराया गया तथा तत्काल सहायता की मांग की गयी। रिपोर्ट करने के कुछ समय बाद कार्मिकों के जोर जबरदस्ती के बाद अन्दर से दरवाजा खोला गया तथा कार्मिक अन्दर आ गये। कार्मिकों द्वारा अन्दर आने के बाद बीच-बचाव करने की कोशिश की।

गयी लेकिन मा० विधायक एवं उनके साथी मारपीट पर उतारू हो गये और उनके द्वारा महिला कार्मिकों के साथ भी गाली गलौच एवं अभद्रता की गयी। जब कार्मिकों के द्वारा मुझे बचाने हेतु प्रयास किया गया तो मा० विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ एवं उनके अन्य साथियों द्वारा मुझपर जानलेवा हामला किया गया और जो कार्मिक बचाव में आये उनपर भी जानलेवा हामला कर दिया जिससे मैं एवं मेरे कुछ कार्मिक घायल हो गये इस अवधि में अन्य निकटवर्ता कार्यालयों के अन्य कार्मिक भी मेरे कार्यालय में एकत्रित हो गये। बढती हुई भीड को देखते हुए मा० विधायक एवं उनके साथ आये गुण्डों द्वारा कार्यालय पत्रावलियों को फाड दिया गया तथा कुछ कागज साथ भी ले गये, मेरे कार्यालय के फर्नीचर उठाकर मुझपर एवं अन्य कार्मिकों पर फेंकते हुए बाहर निकल गये। इस जानलेवा हमले में मेरे आंख एवं चेहरे पर गंभीर चोटें आयी तथा मुझे तत्काल चिकित्सालय ले जाया गया। मा० विद्यालय के साथ आये गुण्डे मेरे कक्ष में हुई मारपीट से संतुष्ट नहीं हुए तथा उनके द्वारा कार्यालय के बोर्ड, गमले आदि तोडते हुए एवं गालीगलौच करते हुए बार निकल गये। निकलते समय मा० विधायक के साथ आये गुण्डों द्वारा मुझे कहा गया कि अभी तो तू बच गया है अगली बार तुझे नही छोडेगे साथ ही मेरे कार्मिकों को गोली मारने की भी धमकी दी गयी। कार्यालय से बाहर निकलते ही प्रागण में मा० विधायक के साथ आये गुण्डे मेरे विरूद्ध नारेबाजी करने लगे।

महोदय यदि समय पर मेरे कार्यालय कार्मिकों द्वारा कक्ष न खोला जाता तो मा० विधायक एवं उनके साथ आये गुण्डे मुझे जान से मार देते क्योकि वे अपने साथ ईट आदि भी लेकर आये थे।

अतः मेरा अनुरोध है कि उक्त संबंधित पक्षों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए सुसंगत धाराओं में कार्यवाही करते हुए मेरी एवं मेरे कार्मिको की जान-माल की सुरक्षा भी की जाय।

भवदीय

(अजय कुमार नौडियाल) 24

निदर्शक उराखण्ड

प्रारम्भिक शिक्षा

उत्तराखण्ड ।

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भाजपा विधायक के सामने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर हमला

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