प्रदेश में कुल उपचारित लाभार्थियों में 48.02 प्रतिशत महिलाएं
3.49 लाख महिलाओं को मिला गंभीर बीमारियों का निशुल्क उपचार
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। किसी भी घर की धुरी महिला होती है और उसके बीमार होने से पूरा घरेलू तंत्र प्रभावित हो जाता है। ऐसे में महिलाओं का स्वस्थ रहना परिवार की खुशहाली और सामाजिक संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है।
उत्तराखंड में आयुष्मान योजना मातृशक्ति के स्वास्थ्य संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत अब तक 3.49 लाख से अधिक महिलाओं ने विभिन्न गंभीर बीमारियों का निशुल्क उपचार प्राप्त किया है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना जोशी ने बताया कि प्रदेश में आयुष्मान योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है। अब तक कुल 7,28,748 लाभार्थियों ने विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए योजना का लाभ उठाया है, जिनमें 3,49,980 महिलाएं शामिल हैं। इस प्रकार कुल उपचारित लाभार्थियों में 48.02 प्रतिशत महिलाएं हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत कैटरैक्ट, डायलिसिस, गॉल ब्लाडर, कीमोथेरेपी, हिस्टरेक्टॉमी और ब्रेस्ट कैंसर जैसे उपचारों में बड़ी संख्या में महिलाओं को राहत मिली है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को महंगे इलाज के बोझ से मुक्ति मिली है और वे सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर आसानी से उपचार करा पा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रीना जोशी ने प्रदेश की सभी महिलाओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर आयुष्मान योजना की निशुल्क उपचार सुविधा का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला होती है।
आयुष्मान योजना में महिलाओं के उपचार के आंकड़े
कैटरैक्ट
महिला लाभार्थी: 65,342
कुल लाभार्थी: 1,18,594
प्रतिशत: 55.1%
डायलिसिस
महिला लाभार्थी: 34,602
कुल लाभार्थी: 1,03,261
प्रतिशत: 33.5%
गॉल ब्लाडर
महिला लाभार्थी: 27,456
कुल लाभार्थी: 34,549
प्रतिशत: 79.5%
कीमोथेरेपी
महिला लाभार्थी: 20,556
कुल लाभार्थी: 39,229
प्रतिशत: 52.4%
हिस्टरेक्टॉमी
महिला लाभार्थी: 9,280
कुल लाभार्थी: 9,280
प्रतिशत: 100%
ब्रेस्ट कैंसर
महिला लाभार्थी: 7,596
कुल लाभार्थी: 7,596
प्रतिशत: 100%
जनरल मेडिसिन
महिला लाभार्थी: 1,69,663
कुल लाभार्थी: 3,69,633
प्रतिशत: 45.9%
ऑर्थोपेडिक्स
महिला लाभार्थी: 15,485
कुल लाभार्थी: 46,606
प्रतिशत: 33.2%
कुल
महिला लाभार्थी: 3,49,980
कुल लाभार्थी: 7,28,748
प्रतिशत: 48.02%

