भ्रष्टाचार, अपराध और बेरोज़गारी के मुद्दे पर जन जागरण करेगी कांग्रेस
तीन महीने तक चलेगा का जन-जागरण
रुद्रपुर के सामूहिक बलात्कार पर पुलिस- प्रशासन को घेरा
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। चुनावी मोड में उतरी कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक जंग का बिगुल फूंक दिया है। 16 फरवरी को लोकभवन का घेराव किया जाएगा। और अगले तीन महीने तक विभिन्न मुद्दों पर जन जागरण अभियान चलाया जाएगा।
दो दिन पहले दिल्ली में राहुल गांधी और खड़गे के साथ हुई बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज दून में एकसाथ बैठे।
गुरुवार को उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव की महत्वपूर्ण बैठक हुई । बैठक के उपरांत उपरोक्त सभी नेताओं द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया।
प्रेस वार्ता में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेरोज़गारी और प्रशासनिक अराजकता के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।
राज्य की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार, अन्याय, अत्याचार, अव्यवस्था, उत्पीड़न, महिला अपराधों में बेतहाशा वृद्धि और नौकरियों की खुली बंदरबांट को ही अपनी पहचान बना लिया है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते, इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाएगी, जिसमें हर वर्ग—युवा, महिला, किसान, कर्मचारी और बेरोज़गार—को जोड़ा जाएगा।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने सत्ता को लूट, झूठ और दमन का औज़ार बना दिया है।
राज्य आज भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला, महिला असुरक्षा की राजधानी, बेरोज़गारी का गढ़ और अन्याय-अत्याचार का केंद्र बन चुका है। सरकार का हर विभाग भ्रष्टाचार में डूबा है और मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे हैं।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी अब हर घर तक पहुंच चुकी है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं सरकार मूक दर्शक बनी हुई है ,कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाएगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी।
आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों, दलालों और भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बन चुकी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर नौकरियों की बंदरबांट तक—हर मामले में सरकार का चेहरा बेनकाब हुआ है। भाजपा का “डबल इंजन” उत्तराखंड के लिए डबल अत्याचार बन चुका है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड की अस्मिता, संसाधनों और नौजवानों के भविष्य के साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। अगले तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाकर भाजपा सरकार की एक-एक नाकामी को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।
पार्टी के वर्तमान “चतुर्भुज नेतृत्व” की खुलकर सराहना करते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह नेतृत्व साहस, संवेदनशीलता और संघर्ष की भावना का प्रतीक है।
उन्होंने आगामी सभी कार्यक्रमों के लिए नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं तथा अंकिता भंडारी हत्याकांड को जिस प्रभावशाली और निरंतर तरीके से उठाया जा रहा है, उसके लिए प्रदेश नेतृत्व को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी है जो पीड़ितों के साथ खड़ी रहती है और न्याय की लड़ाई अंत तक लड़ती है।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि जन-जागरण अभियान की कड़ी में 16 फरवरी को प्रदेशभर के मुद्दों को लेकर लोकभावन/ राजभवन का घेराव किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से कांग्रेसजन और आम नागरिक भाग लेंगे।
प्रीतम ने कहा कि यह सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जनता के हक़ की निर्णायक लड़ाई है। संगठन पूरी तरह तैयार है और भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर घेरा जाएगा।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और जन आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से गांव-गांव, शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा।हरक ने कहा कि 16 फरवरी का राजभवन घेराव सरकार की नाकामी, अन्याय और अहंकार के खिलाफ जनता का सशक्त संदेश होगा।
सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार के जनविरोधी शासन के खिलाफ संघर्ष अब और तेज़ होगा तथा जनता के हक़ की लड़ाई हर मोर्चे पर लड़ी जाएगी।
सह प्रभारियों ने जानकारी दी कि 16 फरवरी के लोकभवन घेराव कार्यक्रम के संयोजक चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह होंगे ।
रुद्रपुर के सामूहिक बलात्कार पर पुलिस- प्रशासन को घेरा
पूर्व अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि रुद्रपुर में फैक्ट्री में काम करने वाली एक बहन के साथ हुई दरिंदगी सिर्फ़ एक अपराध नहीं है, यह पूरे सिस्टम के मुँह पर तमाचा है। लिफ्ट देने के नाम पर गाड़ी में बैठाकर सामूहिक बलात्कार करना और फिर उसे सड़क पर फेंक देना..यह किसी एक व्यक्ति की हैवानियत नहीं, बल्कि उस शासन की असफलता है जो दिन-रात “सुशासन” और “कानून-व्यवस्था” का ढोल पीटता है।

सवाल यह है कि अगर एक मेहनतकश महिला अपने काम से लौटते समय सुरक्षित नहीं है, तो फिर यह सरकार किसके लिए है?
भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड महिलाओं के लिए लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। देहरादून पहले ही सवालों के घेरे में है, अब रुद्रपुर, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ तक अपराध की घटनाएं आम होती जा रही हैं। सरकार की प्राथमिकताओं में न तो महिला सुरक्षा है, न ही अपराधियों के भीतर कानून का डर। नतीजा यह है कि अपराधी बेखौफ हैं और बेटियाँ डरी हुई।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि हर घटना के बाद वही रटा-रटाया बयान आता है कि “जांच होगी”, “कड़ी कार्रवाई की जाएगी”, “कानून अपना काम करेगा”। लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि न तो पुलिस व्यवस्था मजबूत हुई, न ही अपराधियों को समय पर सज़ा मिली। सत्ता के संरक्षण में अपराध पनप रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
यह भी सच है कि उत्तराखंड को कभी देवभूमि कहा जाता था, जहाँ नारी को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना जाता था। आज उसी देवभूमि में बेटियाँ सड़क पर फेंकी जा रही हैं और सरकार कुर्सी बचाने की राजनीति में व्यस्त है। यह सिर्फ़ कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं, यह पहाड़ की अस्मिता, सम्मान और सामाजिक ताने-बाने पर सीधा हमला है।
अब बहुत हो चुका। अगर आज भी सरकार नहीं जागी, तो आने वाले समय में उत्तराखंड महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में गिना जाएगा। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर कब तक बहनों-बेटियों की इज्ज़त की कीमत पर यह सत्ता चलती रहेगी? जनता सब देख रही है, और यह अन्याय ज्यादा दिन तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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