कोर्ट का आदेश, अब अंशुमान विज्ञान विषय में देगा परीक्षा

अंशुमान को साइंस स्ट्रीम से परीक्षा दिलाने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सेंट जोसेफ स्कूल को दिया आदेश

अविकल उत्तराखण्ड


देहरादून। देहरादून के सेंट जोसेफ एकेडमी के 11वीं के छात्र अंशुमान जायसवाल मामले में उच्चतम न्यायालय ने कक्षा 11वीं की अंतिम परीक्षा में उसे शामिल किए जाने तथा परीक्षा परिणाम में प्रदर्शन के आधार पर, सम्बन्धित जिलाधिकारी देहरादून से विमर्श के बाद इस मामले में अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया है।
छात्र अंशुमान जायसवाल की ओर से इस मामले को विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी थी।

इस मामले में 23 जनवरी को न्यायाधीश पी0 एस0 नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
विशेष अनुमति याचिका में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के 16 सितम्बर के उस आदेश को चुनौती दी गयी थी जिसमें अदालत ने याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं देते हुए विद्यालय के समक्ष अपना पक्ष रखने को कहा था।
मा मले के अनुसार याचिकाकर्ता ने एक याचिका दायर कर उच्च न्यायालय से मांग की थी कि उसे विज्ञान विषय में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाये। जिससे विद्यालय इनकार कर रहा है।


उच्च न्यायालय ने 16 सितम्बर को अपने अंतिम आदेश में याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं देते हुए विद्यालय प्रबंधन के समक्ष अपना पक्ष रखने के निर्देश दिये थे।
इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से विद्यालय को प्रत्यावेदन सौंपा गया लेकिन स्कूल प्रबंधन ने प्रत्यावेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता के दसवीं परीक्षा में अंक न्यूनतम मानक से कम रहे। विद्यालय ने कामर्स विषय में पढ़ाई जारी रखने को कहा।
हाईकोर्ट के आदेश को छात्र की ओर से अंततः उच्चतम न्यायालय में विशेष अपील के माध्यम से चुनौती दी गयी। खंडपीठ ने 19 दिसंबर को अंतरिम राहत देते हुए अपीलकर्ता को विज्ञान स्ट्रीम मेें प्रवेश की अनुमति दे दी।
हालांकि, विगत 23 जनवरी को विशेष अनुमति याचिका को पूरी तरह से निस्तारित करते हुए अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कक्षा 11वीं की अंतिम परीक्षा में छात्र अंशुमान जायसवाल को शामिल किया जाय। जिसके परीक्षा परिणाम में प्रदर्शन के आधार पर, सम्बन्धित जिलाधिकारी देहरादून से विमर्श के बाद इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जाये।

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