उत्तराखण्ड में पहली बार खनन राजस्व 1200 करोड़ के पार

सीएम धामी ने कहा, खनन माफिया पर लगाम लगा बढ़ाया राजस्व

भाजपा के ही नेता उठा चुके हैं अवैध खनन का मुद्दा

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में नई छलांग

उत्तराखण्ड में खनन से आय का नया अध्याय, धामी सरकार ने बदली तस्वीर

रणनीति, सिस्टम और सख्ती—धामी सरकार ने खनन में लिखी सफलता की कहानी

खनन सेक्टर में पारदर्शिता की जीत, धामी सरकार ने बनाए नए मानक

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। बेशक भाजपा के ही कुछ नेता अवैध खनन का मुद्दा उछाल अपनी ही सरकार को घेरने की कवायद में जुटे हैं। लेकिन खनन राजस्व के ताजे आंकड़े तो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में खनन विभाग ने 950 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कुल 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

इस उपलब्धि में ट्रेजरी में 1130 करोड़ रुपये, जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) में 80 करोड़ रुपये तथा एसएमईटी से 7 करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।

इससे पूर्व वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 875 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1041 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर अपनी कार्यक्षमता सिद्ध की थी।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि खनन राजस्व की यह निरंतर वृद्धि मुख्यमंत्री धामी की पारदर्शी, जवाबदेह और सुधारोन्मुखी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। वर्ष 2012-13 में मात्र 110 करोड़ रुपये से शुरू हुआ यह सफर अब 2025-26 में 1217 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज नीति एवं नियमावली का सरलीकरण किया गया, जिससे वैध खनन को बढ़ावा मिला।  और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण पर प्रभावी रोक लगी। पारदर्शी व्यवस्था के तहत खनन पट्टों का आवंटन किया गया, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी।

सीएम धामी की पहल पर तकनीकी नवाचारों को भी प्राथमिकता दी गई। MDTSS (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) के माध्यम से चार मैदानी जनपदों में 45 अत्याधुनिक ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जिनमें ANPR कैमरा, RFID टैग और अन्य आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही Mineral Management System, e-Ravanna, Mining e-Services, Surveillance Enforcement System और Decision Support System जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू किए गए हैं।

ई-रवन्ना प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे फर्जीवाड़े और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इन सभी प्रयासों के चलते अवैध खनन पर लगाम लगी है और राजस्व में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में किए गए इन नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में MDTSS और ई-खन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं को प्रतिष्ठित SKOCH Award (Gold) से सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त, खान मंत्रालय भारत सरकार द्वारा Minor Mineral Reforms में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखण्ड को ‘सी’ श्रेणी के राज्यों में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जिसके तहत 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। साथ ही State Mining Readiness Index में बेहतर प्रदर्शन के लिए भी 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई।

पार्टी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पारदर्शिता, तकनीकी सशक्तिकरण और कठोर प्रवर्तन के समन्वय ने उत्तराखण्ड के खनन क्षेत्र को नई दिशा दी है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और सुशासन का मॉडल स्थापित हो रहा है।

गौरतलब है कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत संसद में अवैध खनन का मुद्दा उठा कर धामी सरकार को घेर चुके हैं। इसके अलावा भाजपा विधायक अरविंद पांडे व मुन्ना सिंह चौहान भी अवैध खनन पर मुखर रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी खनन पट्टों के आवंटन पर सवाल उठाती रही है।

ऐसे में खनन राजस्व में वृद्धि के आंकड़े धामी सरकार के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र ने भी बेहतर खनन राजस्व से खुश होकर प्रदेश को प्रोत्साहन राशि भी दी है।

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