अंकिता हत्याकांड आंदोलन में बढ़ चढ़ कर ले रही थी हिस्सा
धार्मिक भावनाएं आहत करने और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
अविकल उत्तराखंड
हल्द्वानी। अंकिता हत्याकांड में वीआईपी व सीबीआई जांच से जुड़े आंदोलन में शिरकत कर सुर्खियों में आयी यू ट्यूबर ज्योति अधिकारी को जेल भेज दिया गया।
कथित रूप से धार्मिक भावनाएं आहत करने और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में हल्द्वानी पुलिस ने शुक्रवार को यूट्यूबर ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार किया था।
मुखानी थाने में दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला स्थानीय निवासी जूही चुफाल की तहरीर पर दर्ज किया गया। तहरीर में कहा गया है कि यूट्यूबर ज्योति अधिकारी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित अपने वीडियो में पर्वतीय महिलाओं, उत्तराखंड की संस्कृति और देवी-देवताओं के प्रति अभद्र व अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ज्योति अधिकारी सार्वजनिक स्थान पर दरांती लहराते हुए आपत्तिजनक और भद्दी भाषा का प्रयोग करती नजर आ रही हैं। आरोप है कि उनके कथनों से न केवल कुमाऊं की महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का भी अपमान हुआ है।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने ज्योति अधिकारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पहले पूछताछ की। इसके बाद देर शाम मुखानी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मुखानी थानाध्यक्ष सुशील जोशी ने बताया कि पर्वतीय महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी और धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 27, 192, 196, 299, 302 और 303(बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि अंकिता मामले की सीबीआई जांच से जुड़े आंदोलन में ज्योति ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया था। और 4 जनवरी के देहरादून प्रदर्शन में भी हिस्सा लेने पहुंची थी।
ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन कारियों ने तानाशाही कदम करार दिया है।
भाकपा माले नेता इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि सरकार को मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी साहू को भी गिरफ्तार करना चाहिए।
साहू ने हाल ही में कहा था कि बिहार में 20-25 हजार में लड़कियां मिल जाती हैं। इस प्रकरण को भी विरोध चल रहा है।

दूसरी ओर, सोशल मीडिया में ज्योति अधिकारी की अभद्र वक्तव्य की आलोचना भी हो रही है। लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि बोलने की भी सीमा होनी चाहिए।
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