चुनावी साल में सीएम धामी की अन्न भेंट डिप्लोमेसी सुर्खियों में

…अब हरदा की रसोई में उड़ेगी धामी के चावलों की खुशबू

सीएम धामी का घर आना सम्मान, सद्भाव और शिष्टाचार का सुंदर उदाहरण-हरदा

सीएम धामी ने अपने खेत के चावल श्री हरीश रावत को भेंट किए

अविकल थपलियाल

देहरादून। एक ओर कांग्रेस के नेता 2027 के चुनाव के लिए कमर कस रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सीएम धामी आत्मीयता से भरी अन्न डिप्लोमेसी का संदेश दे रहे हैं।
शुक्रवार की रात सीएम धामी कांग्रेस नेता हरीश रावत को मिलने पहुंच गए। और चावल भेंट कर   पूर्व सीएम को आश्चर्यचकित व आह्लादित भी कर दिया।

दो दिन पूर्व ही कांग्रेस के दिग्गजों ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर राजनीति को गर्मा दिया। यूं तो हरीश रावत को सीधे तौर पर चुनाव की कोई जिम्मेदारी नहीं दी गयी है। लेकिन हरदा की सक्रियता कई सीटों को प्रभावित करेगी। यह तथ्य कांग्रेस के अलावा भाजपा भी बेहतर ढंग से समझ रही है।


इसी गणित को समझते हुए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता  हरीश रावत  से उनके डिफेंस कॉलोनी  स्थित आवास पर  भेंट किये। यही नहीं, अकेले में गुफ्तगू भी की।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने हरीश रावत के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अपनी ओर से एक आत्मीय प्रतीक के रूप में अपने खेत में उत्पादित चावल हरीश रावत को भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भेंट उत्तराखंड की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

हरीश रावत  ने मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के इस स्नेहिल व्यवहार एवं आत्मीय भेंट के लिए आभार व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की यह भेंट राजनीतिक परंपराओं में आपसी सम्मान, सद्भाव और शिष्टाचार का एक सुन्दर उदाहरण है।

गौरतलब है कि सीएम धामी का विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने जुलने की खबरें भी सुर्खियां बनती रहती हैं।
सीएम धामी के इन चावलों की खुशबू अब हरीश रावत की रसोई में बिखरेगी। चावल भेंट कर सीएम धामी ने कांग्रेस हाईकमान को भी विशेष चुनावी सन्देश देने की कोशिश की है। अन्न भेंट करना नितांत पारिवारिक व आत्मीय क्षणों में गिने जाते हैं। उत्तराखण्ड के शुभ अवसरों विवाह,मुंडन आदि में अनाज भेंट करने का लंबा इतिहास रहा है।


बहरहाल, हरदा की रसोई से उड़ने वाली धामी के चावलों की खुशबू कांग्रेस के किले में कितनी दूर तक फैलेगी, यह देखना और महसूस करना भी कम रोचक नहीं होगा।

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