25 दिन बाद ही होगी LPG गैस की दूसरी बुकिंग
गैस वितरण की शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए तेल कंपनियों के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में घरेलू एवं व्यावसायिक गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एलपीजी गैस का अवैध संग्रहण, कालाबाजारी, बिचौलियों की संलिप्तता अथवा अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर संबंधित गैस एजेंसियों को तत्काल सील किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कंट्रोल रूम में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक घंटे बैठक कर गैस वितरण, स्टॉक और बैकलॉग की समीक्षा करेंगे तथा गैस से संबंधित प्राप्त शिकायतों और प्रिंट व सोशल मीडिया से प्राप्त इनपुट का निस्तारण करेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एलपीजी गैस वितरण में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली से सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। साथ ही ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में बुकिंग संबंधी व्यवधान आने पर गैस एजेंसियां अपना संपर्क नंबर जारी करें तथा एजेंसी में मैन्युअल बुकिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।
बैठक में एजेंसी संचालकों ने बताया कि एक बार बुकिंग होने के बाद अगली बुकिंग 25 दिन के बाद ही संभव होगी। इस पर जिलाधिकारी ने कंपनियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को बल्क एसएमएस के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाए तथा एजेंसियों पर जागरूकता के लिए फ्लेक्सी भी लगाई जाए।

गैस से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए आपदा कंट्रोल रूम में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक किसी भी समस्या, सूचना या शिकायत के लिए दूरभाष नंबर 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 तथा व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर संपर्क कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस क्षेत्राधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों के साथ गैस एजेंसियों के स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की रेंडम जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए। यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है तो सिलेंडर तत्काल जब्त कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में वर्तमान में 72 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 19,624 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जाती है। जनपद में गैस की आपूर्ति एचपीसीएल को भगवानपुर, बीपीसीएल को लंढौरा तथा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को बादराबाद और लोनी (गाजियाबाद) से की जाती है।
जिला प्रशासन द्वारा डोईवाला में 2 तथा विकासनगर में 12 घरेलू गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग में पाए जाने पर जब्त किए गए हैं।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों सहित गैस एजेंसी एसोसिएशन के अध्यक्ष चमनलाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

