अविकल उत्तराखंड
रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के अंग्रेज़ी विभाग में एक उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि दर्ज की गई है। शोधार्थी वसुंधरा लसपाल को “एलजीबीटी साइकोएनालिसिस” विषय पर किए गए उनके शोध कार्य के लिए पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई, जिसे समकालीन विमर्शों में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
वसुंधरा लसपाल का शोध कार्य डॉ. बरखा रौतेला के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। वाइबा के दौरान कुमाऊँ विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सैयद अली हामिद बाह्य परीक्षक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शोध की सराहना करते हुए इसे गहन, प्रासंगिक एवं समकालीन विषयों से जुड़ा बताया।

कार्यक्रम में संयोजक प्रो. एल. एम. जोशी, प्रो. अरविंद अधिकारी एवं प्रो. हरिप्रिया पाठक सहित विभाग के सभी सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के कई शोधार्थियों ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने डॉ. बरखा रौतेला और वसुंधरा लसपाल को शुभकामनाएँ दीं।
अंत में सभी प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने दोनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

