अविकल उत्तराखंड
रामनगर। संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने कोतवाली पर प्रदर्शन किया और टाइगर से ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने में लापरवाही बरतने के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडौला, उपनिदेशक राहुल मिश्रा व रेंज अधिकारी भानुप्रकाश हर्बोला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। साथ ही, रेंज अधिकारी भानु प्रकाश हर्बोला द्वारा दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे को रद्द करने की भी मांग की गई। ग्रामीणों ने रामनगर कोतवाल को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें प्रेम वल्लभ जोशी की तहरीर दर्ज करने की मांग की गई थी। कोतवाल ने मामले की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया।
इससे पहले, बुधवार सुबह 11 बजे कार्बेट पार्क के सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जंगली जानवरों व बंदरों से सुरक्षा की मांग को लेकर कार्बेट टाइगर रिजर्व कार्यालय पर धरना दिया। निदेशक साकेत बडौला के कार्यालय में मौजूद नहीं होने पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उनका एक दिन का वेतन काटने की मांग की। सभा में वक्ताओं ने पार्क प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि लिखित, मौखिक और फोन द्वारा सूचना देने के बावजूद भी उन्हें सुरक्षा नहीं दी जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि टाइगर, लेपर्ड व अन्य हिंसक जानवर उनके घरों में आ रहे हैं और अधिकारी मौके से नदारद रहते हैं।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में हिंसक जानवरों की संख्या बहुत अधिक हो गई है, और इनकी संख्या को सीमित करने के लिए बैलेंस हंटिंग करवाई जाए या इन्हें दूसरे देशों में भेजा जाए। धरने को तारा बेलबाल, भूवन आर्य, बालम थापा, ललित उप्रेती, प्रभात ध्यानी, नवीन अधिकारी, पीसी जोशी, कैसर राना, ललिता रावत, मुनीष कुमार, एडवोकेट पूरन पांडे, सुमित समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। आंदोलन की आगामी रणनीति के लिए 17 मार्च को ग्राम सांवल्दे पूर्वी में बैठक होगी।
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