जेल से निकल कर बोली उर्मिला, सच्चाई की लड़ाई लड़ रही हूं

एसओजी ने की उर्मिला से पूछताछ

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अविकल उत्तराखण्ड

हरिद्वार।  जेल से रिहाई के साथ ही उर्मिला सनावर को बड़ी राहत मिली, लेकिन जेल की दहलीज पार करते ही उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई।

शुक्रवार को जैसे ही वह जेल से बाहर निकलीं, वहां पहले से मौजूद देहरादून पुलिस की टीम ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया। कुछ ही देर बाद पुलिस उन्हें अपने साथ एसओजी कार्यालय ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।

इस अचानक कार्रवाई ने एक बार फिर पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जेल के बाहर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हरियाणा नंबर की कार से उर्मिला को ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार, हरिद्वार में उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज दोनों मुकदमों में अदालत से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को न्यायालय में जमानती दस्तावेज पेश किए गए थे।

कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शुक्रवार को उनकी रिहाई का परवाना हरिद्वार जिला जेल पहुंचा। जेल प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और उन्हें रिहा कर दिया।

माना जा रहा था कि जेल से बाहर आने के बाद उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन मुख्य द्वार पर ही घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। देहरादून पुलिस की टीम ने उनसे संपर्क किया और अपने साथ लेकर चली गई।

एसओजी हरिद्वार कार्यालय में उनसे विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या पूछताछ के बाद देहरादून पुलिस उनके खिलाफ आगे कोई कानूनी कार्रवाई करेगी।

क्या उन्हें किसी नए मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है? इस संबंध में अभी तक पुलिस की ओर से गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल गिरफ्तारी की चर्चाओं को अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि हरिद्वार के दोनों मुकदमों में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई को एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा था। लेकिन रिहाई के तुरंत बाद देहरादून पुलिस की सक्रियता ने पूरे प्रकरण में नया मोड़ ला दिया है।

जेल की सलाखों से बाहर आने के बाद भी उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। अब देखना होगा कि एसओजी कार्यालय में चल रही पूछताछ के बाद पुलिस क्या रुख अपनाती है।

जेल से रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में उर्मिला सनावर ने कहा कि वह सच्चाई की लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने अंकिता भंडारी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके मुताबिक, ऐसी कई महिलाएं हैं जिनकी पीड़ा और आवाज अनसुनी रह जाती है।

उन्होंने कहा, अंकिता भंडारी पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं, लेकिन बहुत सी ऐसी अंकिताएं हैं जिनके रोने और हंसने की आवाज कोई नहीं सुनता।

सनावर ने कहा कि वह यह लड़ाई उन महिलाओं की ओर से लड़ रही हैं जिन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि अंकिता भंडारी मामले में वह और उनके वकील आशुतोष तथा संतोष भंडारी न्याय के लिए लड़ रहे हैं।

सुरेश राठौर और दीपिका राठौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, जब सुरेश राठौर हमारे पति हैं, तो दीपिका राठौर हमारी बेटी होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ सौतेला व्यवहार किया गया है।

उनके मुताबिक, इस पूरे मामले को उत्तराखंड के लोग देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेल जाने की आशंका उन्हें पहले से थी।

उन्होंने कहा, मुझे पता था कि ये अड़चनें आएंगी। जेल का दरवाजा डराने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन वहां भी मुझे एक परिवार मिला।

उन्होंने जेल में मिली महिलाओं और अपने साथ खड़े सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने शिवानी, प्रीति, मनीष, आशुतोष नेगी और संतोष भंडारी सहित अपने वकीलों और उत्तराखंड क्रांति दल डेमोक्रेटिक के कार्यकर्ताओं का नाम लेकर धन्यवाद दिया।

सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर जांच निष्पक्ष है, तो नार्को टेस्ट से घबराने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नाम लेते हुए यह भी पूछा कि उनकी नार्को टेस्ट की मांग पर आपत्ति क्यों है।

गिरफ्तारी के हालात पर सनावर ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि किडनैप करके ले जाया गया और मोहल्ले के कैमरे बंद थे। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी कर रहे थे और वह उनके काम में बाधा नहीं डालेंगी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह दोबारा ससुराल जाने को तैयार हैं। जेल में बिताए समय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, बाहर दिवाली न सही, अंदर वालों के साथ मना लूंगी।

फिलहाल सबकी निगाहें एसओजी की पूछताछ पर टिकी हैं। पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।

एक ओर जमानत के बाद रिहाई को सनावर के लिए राहत माना जा रहा था, वहीं दूसरी ओर देहरादून पुलिस की पूछताछ ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

अब सवाल यही है कि क्या यह पूछताछ महज औपचारिकता है या फिर इसके बाद कोई नया कानूनी घटनाक्रम सामने आएगा। इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में ही मिलेगा।

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