50-50 हजार के बंधपत्र और दो-दो जमानतदारों पर मिली राह
हरिद्वार पुलिस कर रही है विवेचना
चमोली। कर्णप्रयाग में 16 जून को निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुई मारपीट के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में बंद चारों आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद चारों आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
मामले में आरोपी सतविंद्र सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह को 50-50 हजार रुपये के निजी बंधपत्र तथा दो-दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर जमानत देने के आदेश दिए गए हैं। इनमें तीन आरोपी पुरसाड़ी जेल में निरुद्ध थे, जबकि एक आरोपी एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन होने के साथ न्यायिक अभिरक्षा में था।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मोहन पंत ने अदालत में जमानत याचिका पर पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को राहत प्रदान की।

गौरतलब है कि 16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मामले की विवेचना हरिद्वार जनपद को स्थानांतरित कर दी गई।
जमानत आदेश के बाद अब आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर चारों आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस फैसले के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि विवाद से उत्पन्न तनाव और अधिक कम होगा तथा क्षेत्र में सामान्य स्थिति बनी रहेगी।
कर्णप्रयाग व नगरासु गुरुद्वारे विवाद के बाद उक्रांद व सिख समुदाय से जुड़े कुछ लोगों के बीच सोशल मीडिया में जंग छिड़ी हुई है। उक्रांद नेता आशीष नेगी का कहना है कि नगरासु गुरुद्वारे में तोड़फोड़ करने व कब्जा करने वाले निहंगों को प्रदेश सरकार ने निकलने का रास्ता दिया। इन निहंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी।
इसके अलावा ऑपरेशन ब्लू स्टार और गढ़वाल की भूमिका का उल्लेख कर चुनौती देने के मामले में आशीष नेगी के खिलाफ सिख समुदाय ने रोष जताया है। आशीष के खिलाफ हिमाचल व पंजाब में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
कुल मिलाकर हिमाचल बार्डर पर कुल्हाल, विकासनगर के पास निहंगों के जमावड़े ने भी पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। बहरहाल, निहंगों को 11 दिन बाद मिली जमानत के बाद भी अन्य मुद्दों पर विवाद जारी है।
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कर्णप्रयाग विवाद- निर्धारित कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी,मिली जमानत



