वो जब याद आये हरक याद आये,
एनडी-हरक की राह चलेंगे त्रिवेंद्र-महेश

क्या mla महेश क्या हरक की तरह देंगे इस्तीफा
बड़ा सवाल-अब नही तो कब होगी डीएनए जांच
भाजपा की शुचिता-नैतिकता की अग्नि परीक्षा

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून।
बीते 25 दिन से पीड़िता को कानून की फिरकी में घुमा रही देहरादून पुलिस व सत्ताधारी भाजपा नेताओं के बड़े बड़े बोल पर पहले हाईकोर्ट और बाद में देहरादून की अदालत ने ताला लगा दिया।

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत

शारीरिक शोषण की शिकार व अपनी बेटी के विधायक से DNA के मिलान की मांग कर रही पीड़िता पर महेश नेगी की पत्नी ने मुकदमा दर्ज कर दिया। पुलिस ने भी घण्टों पीड़िता से पूछताछ की। पुलिस ने पीड़िता के ससुराल वालों को भी तलब करने की पूरी कोशिश की। इस बीच, नेहरू कॉलोनी थाने के जांच अधिकारी को बदल सीओ अनुज को जांच दी गयी।

तत्कालीन मुख्यमन्त्री एनडी तिवारी के साथ

बहरहाल, कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस भाजपा विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी पर शनिवार की देर रात मुकदमा दर्ज कर चुकी है। ऐसे में नैतिकता की बात करने वाली भाजपा विधायक का इस्तीफा लेगी? यह सवाल भी अहम बना हुआ है।

फ़्लैश बैक-जैनी-हरक सेक्स स्कैंडल 2003

2003 के जून में तिवारी सरकार के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (अभी त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री) पर असमी लड़की इंद्राणी देवड़ी उर्फ जैनी ने इसी प्रकृति का आरोप लगाया था। जैनी ने हरक सिंह पर अपने बच्चे के पिता होने का आरोप लगा कर सनसनी मचा दी थी। नए नवेले उत्त्तराखण्ड के  इस पहले सेक्स स्कैंडल ने पूरे देश में तूफान मचा दिया था। विपक्षी दल भाजपा ने विधानसभा सत्र में जबर्दस्त हंगामा मचाया और मंत्री हरक के इस्तीफे और DNA जांच की भी मांग की।

प्रतीकात्मक चित्र

भाजपा ने सदन के अंदर और बाहर कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमन्त्री तिवारी, इंदिरा ह्रदयेश व विधान सभाध्यक्ष यशपाल आर्य के समक्ष सदन चलाना टेढ़ी खीर हो गया था। उस समय भाजपा नेता अजय भट्ट तीखे तेवर अपनाए हुए थे।

भाजपा के बढ़ते दबाव के बाद विधानसभाध्यक्ष आर्य ने विधानसभा की सर्वदलीय जांच कमेटी बनाई। पीड़िता जैनी से बातचीत के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सदन को सौंपी। और हरक सिंह ने सदन के अंदर 18 जून 2003 को नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। यही नही हरक सिंह ने खचाखच भरे सदन व दर्शक दीर्घा की मौजूदगी में दिए भाषण में स्वंय ही मामले की सीबीआई जांच की मांग कर सभी को हैरत में डाल दिया था। हरक सिंह ने कहा कि सीबीआई जांच से इस मामले में साजिश करने वालों का भी पर्दाफाश होगा।

द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश नेगी और पत्नी पर मुकदमा दर्ज

तत्कालीन मुख्यमंत्री एन डी तिवारी ने सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर दी। और कहा कि DNA और सीबीआई जांच में बरी होने पर हरक सिंह को फिर से मंत्री बना दिया जाएगा।

सवा साल तक चली सीबीआई जांच में हरक सिंह पाक साफ पाए गए और DNA रिपोर्ट में भी बेदाग निकल गए। हालांकि, हरक सिंह के पाक साफ निकलने के बाद भी मुख्यमन्त्री तिवारी ने उन्हें मंत्री नही बनाया। लेकिन हरक-जैनी सेक्स स्कैंडल (harak-jaini sex scandal, uttarakhand 2003) ने उत्त्तराखण्ड की राजनीति में डेढ़ साल तक हलचल मचाये रखी। उस समय हरक सिंह ने जैनी के नार्को टेस्ट की मांग भी नही की। इस मामले में घिरे हरक सिंह बाद में 2007, 12 व 2017 के विधानसभा चुनाव भी जीते।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र कह चुके है कि विधायक महेश नेगी DNA जांच को तैयार हैं

इधर, भाजपा विधायक महेश नेगी के ताजे सेक्स स्कैंडल में सत्ता व संगठन पूरी तरह बचाव के रास्ते पर उतरा हुआ है। रेप का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सरकार व संगठन की ओर से इस्तीफे आदि की कार्रवाई भी नही शुरू हुई। जबकि पीड़िता ने अपनी तहरीर में तारीख व स्थान का उल्लेख कर DNA जांच की मांग की है। DNA से बच रहे भाजपा विधायक महेश नेगी ने पीड़िता के नार्को टेस्ट की मांग कर मामले को नया रंग देने की कोशिश कर हैं। जबकि डीएनए जांच के बाद साफ पता चल जाएगा कि पीड़िता की बेटी का असली पिता कौन है।

कोर्ट के कड़े रुख के बाद भाजपा विधायक व उनकी पत्नी रीता नेगी पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। पीडिता की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा विधायक महेश नेगी व भाजपा को झटका दे ही चुकी है। चुनावी मौसम में हुए इस सेक्स प्रकरण में मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र को तिवारी की तरह और विधायक महेश नेगी को हरक सिंह के उठाये कदमों की नकल करनी ही होगी नही तो भाजपा के किले में इस स्कैंडल की मार से एक बड़ा सूराख तो हो ही जायेगा।

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Sex scandal- देखें FIR- कोर्ट का डंडा और रात 11.23 मिनट पर भाजपा mla पर दर्ज हुआ रेप का मुकदमा

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