मेडिकल कॉलेजों और कुंभ से जुड़े कार्यों में तेजी के निर्देश
उत्तराखंड को स्किल हब बनाने की तैयारी
मेगा परियोजनाओं पर मुख्य सचिव सख्त
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास, रोजगार और राज्य की प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने, उत्तराखंड को स्किल हब के रूप में विकसित करने तथा मेडिकल कॉलेजों, ऊर्जा परियोजनाओं और कुंभ-2027 से जुड़ी निर्माणाधीन योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित पहली बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जाएं। युवाओं की रुचि और स्थानीय रोजगार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तथा प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि कौशल विकास से जुड़े सभी विभाग एक साझा मंच पर कार्य करें, ताकि युवाओं को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिल सके। प्रदेश को स्किल हब बनाने के लिए सेतु आयोग के सुझावों और सभी हितधारकों के सहयोग से एक समेकित डैशबोर्ड तैयार किया जाए।
बैठक में सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन सी. रविशंकर ने बताया कि प्रदेश में समग्र कौशल विकास के लिए स्कूल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभाग के सहयोग से आईटीआई को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 119 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से 90 आईटीआई पोर्टल पर मैप किए जा चुके हैं। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से शॉर्ट-टर्म प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, भाषा दक्षता और अन्य आवश्यक कौशल उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। रोजगार प्रयाग पोर्टल पर निजी नियोक्ताओं का पंजीकरण भी किया जा रहा है और अब तक 162 निजी नियोक्ता पोर्टल से जुड़ चुके हैं।
इसके बाद मुख्य सचिव ने प्रदेश की मेगा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग मासिक और त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित कर परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करें।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान उत्तराखंड जल विद्युत निगम, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन और यूपीसीएल की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने विद्युत हानि (लॉस रिडक्शन) से जुड़े कार्यों के लिए वित्तीय और भौतिक लक्ष्य तय कर नियमित मॉनिटरिंग करने तथा वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत विद्युतीकरण कार्य भी निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों का निर्माण शीघ्र पूरा कर शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने तथा हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने शारदा घाट परियोजना में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था को और सक्षम बनाने की आवश्यकता बताई। साथ ही कुंभ-2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के ऐसे कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, जिन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा किया जा सके।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावासों के संचालन के लिए स्पष्ट कार्यप्रणाली तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठकों में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, चंद्रेश कुमार यादव, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



