यूपीसीएल में प्रमोशन व भर्ती प्रक्रिया में आयी तेजी

27 पदोन्नतियां, 37 कार्मिक स्थायी, 36 को वित्तीय स्तरोन्नयन

190 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में अधिकारी-,कर्मी व इंजीनियरों के प्रमोशन और स्थायीकरण को हरी झंडी दे दी गयी।

एमडी पी सी ध्यानी के कार्यकाल संभालने के बाद कार्मिकों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान की दिशा में फ़ाइल तेजो से दौड़ रही है।
महज एक माह के भीतर पदोन्नति, स्थायीकरण, वित्तीय स्तरोन्नयन और चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसे वर्षों से लंबित मामलों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके साथ ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 190 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने पदभार ग्रहण करने के बाद विभिन्न यूनियनों और एसोसिएशनों के पदाधिकारियों से वार्ता कर लंबित पदोन्नति, समयबद्ध वेतनमान, नियमितीकरण, स्थायीकरण तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया था। उनके निर्देशन में मानव संसाधन विभाग ने कार्मिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रिकॉर्ड समय में कई महत्वपूर्ण फैसले लागू किए।
अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) आर.जे. मलिक ने बताया कि उपमुख्य लेखाधिकारी, उपमुख्य कार्मिक अधिकारी, लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकारी तथा कार्यालय अधीक्षक-द्वितीय सहित विभिन्न संवर्गों के 27 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है। वहीं 37 सहायक अभियंताओं और सहायक लेखाकारों का स्थायीकरण किया गया है।

इसके अलावा अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, लेखाकार, कार्यालय अधीक्षक और कार्यालय सहायक सहित 36 कार्मिकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सुनिश्चित वित्तीय स्तरोन्नयन का लाभ दिया गया है। लंबे समय से लंबित करीब 450 चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरणों का भी तेजी से निस्तारण कर उन्हें न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया गया है।

यूपीसीएल ने राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम बढ़ाते हुए 75 सहायक लेखाकारों के पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। इसके अतिरिक्त सहायक अभियंता, लेखाधिकारी, कार्मिक अधिकारी, विधि अधिकारी, अवर अभियंता, ड्राफ्ट्समैन और सहायक भंडारी सहित करीब 115 अन्य रिक्त पदों पर भी जल्द भर्ती विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इन निर्णयों के बाद विभिन्न यूनियनों और कर्मचारी संगठनों ने प्रबंध निदेशक के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे कार्मिक हित में सकारात्मक पहल बताया और निगम प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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