पदभार संभालते ही एक्शन में दिखे नये डीएम
जनता मिलन में 115 शिकायतों पर त्वरित सुनवाई
भूमि विवाद, बाढ़ सुरक्षा और ऋण मामलों में अधिकारियों को सख्त निर्देश
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। जिले के नए जिलाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद डॉ. आशीष चौहान एक्शन मोड में नजर आए।
उन्होंने क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं को एक ही समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग एवं समाधान प्रणाली विकसित की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सोमवार को आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में कुल 115 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद से संबंधित थीं। इसके अलावा ऋण माफी, बाढ़ सुरक्षा दीवार, आर्थिक सहायता, पैदल पुलिया और रास्तों से जुड़े मामले भी सामने आए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

रानीपोखरी ग्रांट क्षेत्र के आठ परिवारों ने मानसून के दौरान बाढ़ के खतरे को देखते हुए सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी डोईवाला को सिंचाई विभाग के साथ संयुक्त सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
तुनवाला निवासी मंजू बिष्ट ने शिकायत की कि कुछ लोगों ने उनकी निजी भूमि पर कब्जे की नीयत से तारबाड़ तोड़ते हुए बुलडोजर चलाकर सीमांकन को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर भूमि का दोबारा सीमांकन कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को तत्काल जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विकासनगर तहसील में वर्ष 2008 से लंबित भूमि विवाद के मामले में भी जिलाधिकारी ने शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। वहीं चकराता ब्लॉक के ग्राम झिटाड़ में क्षतिग्रस्त पुलिया एवं कठंग नहर की मरम्मत संबंधी शिकायत पर जिला विकास अधिकारी को जांच कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
सहसपुर निवासी मोहन कश्यप ने आर्थिक संकट का हवाला देते हुए मकान की नीलामी रोकने और ऋण माफी की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में आवास फाइनेंसियर्स लिमिटेड से 40 लाख रुपये का ऋण लिया था और वर्ष 2025 तक नियमित किस्तें जमा की थीं, लेकिन माताजी के इलाज, निधन, बहनों के विवाह और कारोबार में नुकसान के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। इस बीच कंपनी ने मकान नीलामी का विज्ञापन प्रकाशित कर दिया। मामले में जिलाधिकारी ने लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए।
जनता मिलन में डालनवाला निवासी सपना ने नर्सिंग शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की, जबकि टीएचडीसी कॉलोनी निवासी अर्ष ने बीएससी नर्सिंग प्रवेश के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाए जाने की गुहार लगाई।
वहीं जर्जर मकान में रह रहे बुजुर्ग प्रेम सिंह की समस्या पर नगर निगम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रामपुर कलां में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर उप जिलाधिकारी सदर को जांच कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
जनता मिलन कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कृष्ण कुमार मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, उप जिलाधिकारी स्मृता परमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, विनोद कुमार और अपर्णा ढौंडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह तथा जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।



