‘मांगे डेढ़ लाख,इंटरनेशनल प्रतियोगिता में खेलने नहीं जा सकी’

देखें वीडियो, सीएम के सामने छात्रा के बयान से पसर गया था सन्नाटा

अब कहा, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मुझे वहन करने थे डेढ़ लाख

देखें खिलाड़ी छात्रा के दोनों वीडियो बयान

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। बीते सोमवार को युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान दून के सीएनआई गर्ल्स स्कूल में अध्ययनरत एक छात्रा ने सीएम धामी के सामने ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे जाने की बात कहकर सभी को चौंका दिया था। यह बात कहते हुए छात्रा भावुक भी हो गयी थी। और कहा कि इसलिए वो ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितामें हिस्सा नहीं ले पाई थी।

यह वीडियो वॉयरल होते ही खेल विभाग की कार्य प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे। सोशल मीडिया में सिस्टम का पोस्टमार्टम करते हुए कई सवाल दागे जाने लगे। उक्त छात्रा के मामले में राज्य का खेल विभाग इन्वॉल्व था या कोई अन्य संगठन। यह भी अहम चर्चा रही।
बुधवार को इस मसले ने जोर पकड़ा। राजनीतिक स्तर पर भी हलचल बढ़ने लगी। दोपहर होते होते उक्त खिलाड़ी छात्रा का एक और वीडियो बयान सामने आ गया।

छात्रा ने बताया कि Taekwondo Council of India, जो कि एक निजी संस्था है, के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थी। इसी माध्यम से उसका एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पर यात्रा सहित कुल खर्च लगभग ₹3.70 लाख बताया गया था।

इसमें संबंधित निजी संस्था द्वारा छात्रा को आर्थिक सहयोग देते हुए करीब ₹1.70 लाख स्वयं वहन करने का आश्वासन दिया गया था, जबकि शेष लगभग ₹1.50–1.60 लाख की व्यवस्था प्रतिभागी को करनी थी।
छात्रा ने कहा कि जो रकम उसके द्वारा व्यय की जानी थी। उसके बारे में उसने किसी को नहीं बताया। और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाई। छात्रा के नए वीडियो बयान से भ्रम की स्थिति तो कुछ हद तक दूर हुई। लेकिन सोशल मीडिया में शक अभी भी कायम है।

यह तथ्य भी सामने आया कि
संवाद के दौरान कम समय में छात्रा अपनी पूरी बात विस्तार से नहीं रख पाई, जिसके कारण स्थिति को लेकर भ्रम उत्पन्न हुआ।
इस बीच, सोशल मीडिया में खिलाड़ी से रिश्वत मांगने सम्बन्धी चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा हुआ है। और यूज़र्स ने मौका ताड़ते हुए जमकर भड़ास निकालनी भी शुरू कर दी।।

हालांकि, एक वर्ग का यह भी कहना है कि
यह मामला न तो किसी सरकारी अधिकारी द्वारा पैसे मांगने का था और न ही किसी सरकारी चयन प्रक्रिया से जुड़ा था। यह एक निजी संस्था के माध्यम से निजी स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने से संबंधित खर्च का विषय था।

बहरहाल, खिलाड़ी छात्रा के बेबाक बयान के बाद हॉल में सन्नाटा पसर गया था। भावुक क्षण को देखते हुए सीएम धामी ने छात्रा को बैठने की सलाह भी दी।

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