दो परीक्षाएं हुई थीं निरस्त, अब होगी एफआईआर
अविकल थपलियाल
देहरादून। उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि कल विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर लीक के चलते बीटेक के दो विषयों—‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’—की परीक्षाएं निरस्त करने का फैसला लिया था। प्रारंभिक जांच में प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचने की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई थी।
अब संयुक्त जांच रिपोर्ट में आरोपी शिक्षक की भूमिका स्पष्ट होने के बाद शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
कॉलेज के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि मामला सामने आते ही आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनका इंक्रीमेंट भी रोक दिया गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया।
यूटीयू की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि मामले में कानूनी राय लेने के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। इस पूरे प्रकरण में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, निरस्त की गई दोनों परीक्षाओं का आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में कराया जाएगा। पेपर लीक की इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस पेपर लीक से यूटीयू से सम्बद्ध कई कालेज की परीक्षाएं अगस्त माह में होगी।
गौरतलब है कि ‘अविकल उत्तराखण्ड’न्यूज पोर्टल ने 22 जुलाई को यूटीयू पेपर लीक की खबर ब्रेक की थी। इसके बाद शासन स्तर पर हलचल मच गई थी।



