31.58 करोड़ की अतिरिक्त सहायता
सितंबर 2026 तक पूरी होंगी जलग्रहण परियोजनाएं
शिवराज सिंह चौहान ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) 2.0 के तहत संचालित जलग्रहण विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्रदान किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में योजना की प्रगति और केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 की परियोजना अवधि के दौरान उत्तराखंड में 15 जलग्रहण विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 0.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का उपचार किया जाएगा। परियोजनाओं की कुल लागत 232.26 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार का अंश 209.03 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। अब तक राज्य को 106.05 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है।

योजना की मूल अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है। हालांकि, शेष कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने परियोजना अवधि को सितंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बढ़ा दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए उत्तराखंड को 31.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें से 15.79 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिससे परियोजनाओं का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 3.0 के तहत राज्यों को परियोजनाओं का आवंटन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इसमें समयबद्ध क्रियान्वयन, केंद्रीय सहायता का प्रभावी उपयोग और परियोजनाओं की समय पर पूर्णता को प्रमुख मानक बनाया जाएगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है, ताकि स्वीकृत परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और उपलब्ध कराई गई केंद्रीय सहायता का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग किया जा सके। साथ ही, भूमि संसाधन विभाग की ओर से उत्तराखंड सरकार को हरसंभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।



