अविकल उत्तराखंड
देहरादून। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के असम में दिए गए कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान को लेकर भाजपा उत्तराखंड के पूर्व मीडिया सह संयोजक अधिवक्ता अनु पंत और पूर्व आईटी हेड अजीत नेगी समेत अन्य लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं ने कथित बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग और पूरे संदर्भ की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
दून पुलिस को दी गयी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में असम में आयोजित एक जनसभा के दौरान खड़गे ने कथित तौर पर ऐसा बयान दिया, जिसे भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाने वाला माना जा सकता है। शिकायत में उनके बयान में सांप से संबंधित कथित टिप्पणी का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि कथित बयान और उसका संदर्भ जांच में सही पाया जाता है तो यह गंभीर मामला है। किसी भी बड़े राजनीतिक नेता की ओर से ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिससे समाज में घृणा, भय या सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की कि कथित भाषण की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग, पूरे भाषण के संदर्भ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराई जाए। यदि जांच में हिंसा, वैमनस्य या सांप्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से आपत्तिजनक बयान दिए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और राजनीतिक पद या प्रभाव किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं करता। समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है।



