सामाजिक संगठनों ने नफरतियों के खिलाफ लड़ाई में सहयोग का आश्वासन दिया
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड इंसानियत मंच और उत्तराखंड महिला मंच ने शुक्रवार को कारगी ग्रांट में मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात की। पिछले दिनों यहां कुछ लोगों ने साम्प्रदायिक नफरत फैलाने का प्रयास किया था। उसके बाद ललित शर्मा नामक एक व्यक्ति ने एक वीडियो जारी कर महिलाओं के खिलाफ बेहद शर्मनाक और अपमानजनक बातें कही थी।
कारगी ग्रांट के लोगों का कहना था कि ललित शर्मा की यदि किसी व्यक्ति से नाराजगी है तो उसके लिए पूरे समुदाय के खिलाफ जहर उगलना किसी भी हालत में उचित नहीं था। यहां लोगों ने सिर्फ नारे लगाकर उसका विरोध किया, जबकि उन लोगों की तरफ से पथराव करने, उनके साथ मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र करने जैसे आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। उस दिन के किसी वीडियो में भी पत्थरबाजी या किसी महिला के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की कोई घटना नजर नहीं आ रही है।
लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी ललित शर्मा से मिले हुए हैं। ये जमीनों का धंधा करते हैं और अपनी करतूतों को छिपाने के लिए हिन्दू-मुसलमान विवाद खड़ा कर देते हैं। लोगों का कहना था कि ललित शर्मा जिस तरह से बार-बार मुसलमानों के खिलाफ जहर उगल रहा है, उसके बाद भी उस पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ललित शर्मा ने महिलाओं के लिए जो शर्मनाक बातें कही हैं, उसके लिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई में मदद करने के साथ ही अधिकारियों से मिलकर शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ी तो धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। पुलिस पर दबाव बनाया जाएगा कि ललित शर्मा जिस तरह से बार-बार ऐसी हरकतें कर रहा है, उसे देखते हुए उसे तुरंत जिलाबदर किया जाए।
प्रतिनिधि मंडल ने कारगी ग्रांट और मुस्लिम समुदाय के कई गणमान्य लोगों से मुलाकात की। इनमें मो. जाकिर हुसैन, सरवर, तनवीर, इमरान राणा, शाह नजर, दानिश आदि शामिल थे। प्रतिनिधि मंडली में प्रो. एन. राघवेन्द्र, कमला पंत, विमला कोली, निर्मला बिष्ट, हरिओम पाली, परमेन्द्र सिंह कक्कड़ और त्रिलोचन भट्ट शामिल थे। स्थानीय लोगों के साथ हुई बैठक में तय किया गया कि सोमवार को देहरादून के एसएसपी से मिलकर उन्हें इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा। हरिओम पाली ने अफसोस जताया कि बैरागीवाला की घटना को भी ललित शर्मा अन्य लोगों ने साम्प्रदायिक रंग देने का प्रयास किया था। इसके बाद एसएसपी को ज्ञापन देकर इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
कमला पंत ने कहा कि ललित शर्मा नाम का व्यक्ति महिलाओं के पेट में पल रहे बच्चों निकालकर उन्हें मारने तक की घृणित बातें कहता है, फिर भी पुलिस उसके साथ भाईचारा निभा रही है। यह अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि ललित शर्मा के खिलाफ साम्प्रदायिक महौल बिगाड़ने का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



