राखी की डोर में बंधी सियासत- छाता-मिठाई से लेकर साड़ी-लिफाफे तक छिड़ी जंग
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रक्षा बंधन बना चुनावी अखाड़ा, बहनों की भीड़ और उपहारों पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
अविकल थपलियाल
देहरादून। चुनावी साल के रक्षा बंधन पर्व पर नया राजनीतिक युद्ध शुरू हो गया है। रक्षा बंधन भेंट को लेकर जारी अंदरूनी आरोप-प्रत्यारोप और बहनों की तीखी प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
23 अगस्त को देहरादून में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के रक्षा बंधन कार्यक्रम में सैकड़ों बहनों की मौजूदगी ने भाजपा खेमे में उत्साह भर दिया। सीएम धामी भी बहुत खुश नजर आए। और गणेश जोशी की जमकर तारीफ भी कर डाली।
इस कार्यक्रम के बाद वायरल वीडियो में बहनों ने रक्षा बंधन की भेंटस्वरूप मिले छाते और मिठाई पर जमकर भड़ास निकाल दी।
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वॉयरल वीडियो में कुछ बहनों ने साफ कह दिया कि सुबह से शाम हो गयी। पानी व खाना नहीं मिला। और 100 रूपए का छाता और मिठाई के नाम पर बालूशाई पकड़ा दी।
एक बहन ने तो कहा कि कांग्रेस का रक्षा बंधन बहुत अच्छा था। खूब बढ़िया पकवान मिले। लेकिन मंत्री जोशी के रक्षा बंधन कार्यक्रम में खाना नहीं मिला।
बहनों का गुस्सा देखने लायक था। इस पर मंत्री जोशी को टिकट को चुनौती देने वाले भाजपा के दूसरा गुट खूब मौज ले रहा है। साथ ही कांग्रेस पार्टी और आम जनता भी वॉयरल वीडियो की आड़ में मंत्री के रक्षा बंधन कार्यक्रम पर चोट कर रहे हैं।
दूसरी ओर, श्रीनगर विधानसभा के रक्षा बंधन कार्यक्रम भी चर्चा के केंद्र में है। यहां पर मंत्री धन सिंह रावत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के रक्षा बंधन कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का तुलनात्मक अध्ययन हो रहा है। जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है।
दोनों ही दलों के समर्थक सोशल मीडिया में अपने कार्यक्रम को सफल बता रहे हैं।

रक्षा बंधन कार्यक्रम में मंत्री धन सिंह व गोदियाल के बहनों को दिए उपहार को लेकर भी गम्भीर बहस छिड़ी हुई है।
साड़ी,मिठाई ,लिफाफे व अन्य उपहारों पर दोनों ही दलों के समर्थकों ने तलवारें खींच ली है।

राजनीतिक दलों के नेताओं के 70 विधानसभाओं में जारी रक्षा बंधन कार्यक्रमों में बहनों की मौजूदगी पर खुफिया तंत्र की भी पूरी नजर है। बहनों की दर्ज मौजूदगी से नेता जी की चुनावी तकदीर का गुणा भाग भी लगाया जा रहा है। राखी की डोर से जुड़े इस पवित्र रक्षा बंधन पर्व ने कांग्रेस व भाजपा के बीच जारी होड़ को कई गुना बढ़ा दिया है।




