डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी बनीं विज्ञान भारती के NEED मिशन की राज्य समन्वयक

विज्ञान, शोध और समाज सेवा के संगम पर नई जिम्मेदारी

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहीं उत्तराखंड की युवा वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विज्ञान आयाम विज्ञान भारती (विभा) के तहत संचालित नेशनल एनवायरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (NEED) मिशन के वर्किंग ग्रुप में राज्य समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी नियुक्ति को ऊर्जा, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के क्षेत्र में राज्य स्तर पर विज्ञान आधारित जनजागरूकता और नवाचार को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।

विज्ञान भारती के निर्णय के अनुसार डॉ. सुनीता अब उत्तराखंड में ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों, परियोजनाओं और पहलों का समन्वय करेंगी। संगठन की ओर से उन्हें यह जिम्मेदारी उनके लंबे अनुभव, संगठन के प्रति समर्पण और वैज्ञानिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान को देखते हुए सौंपी गई है।

डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी वर्ष 2017 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए विज्ञान भारती से जुड़ी थीं। तब से वह संगठन की आजीवन सदस्य के रूप में विभिन्न गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। इससे पूर्व उन्हें राज्य में ‘निधि संयोजक’ की जिम्मेदारी भी दी गई थी, जिसका उन्होंने सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
विज्ञान भारती के विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी तथा मार्गदर्शन को संगठन में विशेष रूप से सराहा जाता रहा है। संगठन का मानना है कि विज्ञान को समाज से जोड़ने और युवाओं को वैज्ञानिक सोच के प्रति प्रेरित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

वर्तमान में डॉ. सुनीता एनआईटी उत्तराखंड में लोकोमोटर दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना पर कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय में पीएचडी अनुसंधान भी कर रही हैं। तकनीकी शिक्षा, शोध और सामाजिक उपयोगिता से जुड़े उनके कार्य उन्हें राज्य की उभरती हुई वैज्ञानिक हस्तियों में शामिल करते हैं।
नई जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी ने विज्ञान भारती के शीर्ष नेतृत्व तथा संगठन के राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह संगठन के विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी और पर्यावरण, ऊर्जा तथा वैज्ञानिक जागरूकता के क्षेत्र में प्रभावी कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।

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