चुनाव नजदीक और ईडी दस साल बाद नींद से जागी -कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में -हरीश रावत

गोदियाल-करण की जोड़ी ने ईडी और भाजपा पर किए प्रहार

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ डटकर खड़ी है। पूर्व सीएम हरीश रावत के तत्कालीन पीए चंदन सिंह जीना के आवास पर हुई ईडी की छापेमारी के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा ने भाजपा और ईडी पर कड़े प्रहार किए।

गोदियाल ने कहा कि दस साल पुराने भर्ती घोटाले की ‘रकम’ को अब बरामद किया गया। जबकि इस मामले में बड़े अधिकारी जेल भुगत चुके हैं।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि दस साल पहले के एक मामले में मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत जी ने कर्तव्य का बखूबी निर्वहन किया। उस समय तथाकथित रूप से उस परीक्षा को निरस्त किया। उसके बाद उसके लिए जाँच बैठाई और जाँच के दायरे को भी बढ़ाया।

ऐसे मामले में दस साल से जो व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है । ईडी व भाजपा सरकार को दस साल से कार्यवाही करनी चाहिए थी।
केंद्र की सरकार को अगर कार्यवाही करनी थी तो दस साल से करनी चाहिए थी । लेकिन दस साल से नींद में थे । और अब चूँकि चुनाव नजदीक आया है तो हरीश रावत जी के एक सहकर्मी पर ED की दबिश दी गई। और दबिश दे कर इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई। इसका प्रमाण ये है कि उनकी इस दबिश को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हाथों-हाथ लपका और उस पर छक्का मारने की कोशिश की।

गोदियाल ने कहा कि ED और भारतीय जनता पार्टी आपस में मिलकर कांग्रेस को बदनाम करने का काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से हरीश रावत के साथ खड़ी है।

हरीश रावत ने मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने जो अपने फर्ज का निर्वहन बखूबी किया वो आज भी रिकॉर्ड में दर्ज है। और किसी को भी इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए। ये जो ED है ये कुछ दिन के लिए है जब तक चुनाव रहेगा तब तक इसका भी प्रकोप इस राज्य के कई नेताओं पर बना रहेगा।

जब-जब चुनाव आता है तो दो-चार फर्रे मुझे भी पकड़ा देते हैं। कभी इनकम टैक्स का कभी जीएसटी का नोटिस पकड़ा देते हैं। लेकिन इस प्रदेश की जनता इनकी हकीकत को अब समझ गई है और इनके झांसे में आने वाली नहीं है।

गोदियाल ने कहा कि रावत जी का जो ट्वीट है उसको सही रूप से लेने की आवश्यकता है और उसको इस रूप में देखने की आवश्यकता है कि उन्होंने कहा कि मैं पार्टी को असहज नहीं करना चाहता। मैं CWC के पद पर हूँ और AICC member के रूप में मैं हूँ। पार्टी अगर असहज की स्थिति में है तो मैं उससे त्यागपत्र की बात सोच सकता हूँ। लेकिन जहाँ तक कांग्रेस से सदस्यता की बात है, मैं जीवन भर कांग्रेसी रहा हूँ और आगे भी रहूँगा।

एक सवाल के जवाब में गोदियाल ने कहा कि देखिए ईडी को कुछ नहीं मिला। सरकारी सेवा में रहने वाले व्यक्ति चंदन सिंह जीना के पास अगर दस-बीस तोला सोने का गहना मिलता है तो मैं समझता हूँ कि ED को तो मायूसी हाथ लगी होगी। यह अब जाँच का विषय है । लेकिन निश्चित रूप में ये समय ये बताता है कि इस समय की गई ये कार्यवाही चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है जो कि उनकी कोशिश परवान नहीं चढ़ेगी।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा का बयान

करण मेहरा रावत जी इतने कमजोर नहीं है कि झूठे आरोप पर उनको फ्रेम करने की कोशिश की जाए और वो झुक जाए। वो इस्तीफा नहीं दे रहे हैं, वो लड़ेंगे इस मामले में।

मेहरा ने कहा कि चंदन जीना के ऊपर जो आरोप लगे हैं, वो 2016 के हैं। क्या दस साल बाद ईडी को याद आई? सरकार को याद आई? और दस साल से क्या वो संपत्ति, वो पैसा क्या वहीं का वहीं रखा रहा? तो ये इससे बड़ा आश्चर्य और क्या हो सकता है?

कहा कि इस बीच में नोटबंदी का भी मामला आया था तो क्या वो नोट बदल के फिर वहीं रख दिए गए? और जिस व्यक्ति ने पच्चीस से तीस साल नौकरी की हो, चाहे बीस हजार की थी, क्या उसके पास एक करोड़ के आस-पास की संपत्ति नहीं हो सकती?

यह गंभीर विषय है। हो सकता है, किसी ने वहाँ प्लांट किया गया हो, चंदन जीना को फंसाने की कोशिश की हो जितना चंदन जीना को हम जानते हैं, वो इस तरीके का व्यक्ति नहीं है और मुझे उम्मीद है कि वो पूरी तरीके से साफ निकलेंगे।

हरदा ने त्यागपत्र सम्बन्धी खबरों का खंडन किया, देखें बयान

मीडिया के कुछ हिस्सों में यह समाचार दिया जा रहा है कि हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे दिया।

भैया, कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में है, हरीश रावत जो कुछ भी है, उस सबका निर्माण करती है। वह तो मेरे साथ ही स्वर्ग में भी जाएगी।

हाँ, यदि कल-परसों देहरादून में ईडी का जो पाखंडपूर्ण चकल्लस हुई है और मैंने यह कहा है कि यदि उससे कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के नैरेटिव पर कोई असर पड़ता है, तो पार्टी के जो पद मेरे पास हैं—प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और एआईसीसी की वर्किंग कमेटी के सदस्य—मैं उन पदों से त्यागपत्र देना चाहूँगा।

अतः मीडिया के दोस्तों से मेरा आग्रह है कि मेरे पोस्ट/ट्वीट को ज़रा संपूर्णता में पढ़ें और अपने समाचार को करेक्ट करें।

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