सेवा सप्ताह में होमस्टे पंजीकरण और ग्रीन मान्यता पर जोर

पर्यटन विभाग ने संचालकों से योजनाओं से जुड़ने का किया आह्वान

हरित और सतत पर्यटन को बढ़ावा देगा ‘गो ग्रीन विद उत्तराखंड टूरिज्म’

होमस्टे को सौर ऊर्जा, जल संचयन व कचरा प्रबंधन अपनाने पर प्रोत्साहन

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। गुरुवार से शुरू हो रहे ‘सेवा सप्ताह’ के अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने प्रदेशभर के होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) संचालकों से विभागीय योजनाओं से जुड़ने तथा अपनी इकाइयों का पंजीकरण कराने का आह्वान किया है। इसके साथ ही पर्यावरण अनुकूल और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘गो ग्रीन विद उत्तराखंड टूरिज्म’ पहल के तहत तीन-स्तरीय ‘ग्रीन मान्यता कार्यक्रम’ भी संचालित किया जा रहा है।

सेवा सप्ताह के दौरान पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटक स्थलों, पर्यटक आवास गृहों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाने के साथ विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को हरित और सतत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। सेवा सप्ताह के माध्यम से राज्य की आतिथ्य संस्कृति को और समृद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने होमस्टे संचालकों से अपनी इकाइयों का पंजीकरण कराने तथा ‘ग्रीन मान्यता’ अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।

पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि होमस्टे और बीएंडबी इकाइयां ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय पर्यटन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।सेवा सप्ताह के दौरान अधिक से अधिक इकाइयों को पंजीकृत कर उन्हें आधिकारिक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक मुक्त प्रथाओं जैसे हरित मानकों का पालन करने वाले होमस्टे को ‘इको-फ्लावर बैज’ और विशेष सरकारी प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने बताया कि इच्छुक होमस्टे और बीएंडबी संचालक उत्तराखंड पर्यटन के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्व-घोषणा और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। नए और मौजूदा संचालकों से पोर्टल पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया है। होमस्टे और कम्युनिटी होमस्टे संचालक तीन-स्तरीय ग्रीन मान्यता प्रणाली से जुड़कर अपनी इकाइयों को पर्यावरण अनुकूल बना सकते हैं। पंजीकृत और ग्रीन श्रेणी प्राप्त इकाइयों को विभाग की ओर से मार्केटिंग सहायता और विशेष प्रोत्साहन दिए जाने प्रस्तावित हैं।
ग्रीन श्रेणियां यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के सहयोग से तैयार की गई हैं। यूएनडीपी की ओर से उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री क्षेत्र के गांवों में संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

ग्रीन मान्यता के प्रमुख मानकों में नवीकरणीय ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, कचरा पृथक्करण एवं कंपोस्टिंग, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल निर्माण, जल संरक्षण, अतिथि जागरूकता, ऊर्जा दक्षता के लिए एलईडी का उपयोग तथा स्थानीय उत्पादों और सामग्री की खरीद शामिल है।

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