नरेंद्र नगर कॉलेज में भव्य दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित

अविकल उत्तराखंड

नरेंद्रनगर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्रनगर में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए भव्य दीक्षारंभ-छात्र प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के नव-प्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक, शिक्षणेत्तर एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के साथ-साथ महाविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों एवं विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. विजय नेगी ने नव-प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिसर के प्राण हैं। उन्होंने कहा कि छात्रहित में महाविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच सार्थक संवाद आवश्यक है। विद्यार्थियों की ऊर्जा का सकारात्मक कार्यों में उपयोग कर शिक्षा के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है ,विभिन्न संकायों के शिक्षकों ने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया। कला संकाय के डॉ. दलीप बिष्ट ने महाविद्यालय में उपस्थिति एवं ड्रेस कोड से संबंधित‌ जानकारी दी। विज्ञान संकाय के डॉ. कमल बिष्ट ने सफलता के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया।
वाणिज्य संकाय के डॉ. हरीश रतूड़ी ने वाणिज्य संकाय के अंतर्गत संचालित बी.कॉम. एवं एम.कॉम. पाठ्यक्रमों के साथ ही एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स एवं रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. सोनी तिलारा ने बी.एससी. गृह विज्ञान पाठ्यक्रम के संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की।

पर्यटन विभाग के डॉ. विजय भट्ट ने “सैर कर दुनिया की गाफिल, ज़िंदगानी फिर कहाँ; ज़िंदगानी गर रही तो नौजवानी फिर कहाँ” जैसे प्रेरक कथन के माध्यम से पर्यटन के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने पर्यटन विभाग के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों के साथ ही पर्यटन प्रदेश उत्तराखंड में रोजगार की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

बीसीए विभाग के डॉ. देवेंद्र कुमार ने कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं के साथ बिग डेटा, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।
पुस्तकालय प्रभारी सतेंद्र कुमार ने पुस्तकालय में पुस्तकों को प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा नियमित अध्ययन एवं पठन-पाठन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजय महर ने कहा कि उच्च शिक्षा के इस पड़ाव पर विद्यार्थियों के लिए सफलता के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए विद्यार्थियों में नवाचार एवं नवोन्मेष की भावना विकसित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी., पत्रकारिता, पर्यटन प्रबंधन, बीसीए, बीबीए, बी.एससी. गृह विज्ञान एवं एम.कॉम. पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वार्ड संख्या-01, नगर पालिका परिषद् नरेंद्रनगर की सभासद श्रीमती ममता ने नव-प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अनुशासन एवं स्वाध्याय के माध्यम से अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दीक्षारंभ कार्यक्रम नव-प्रवेशी विद्यार्थियों को महाविद्यालय के परिवेश को जानने, समझने तथा शिक्षकों एवं सहपाठियों के साथ संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं, पाठ्यक्रम रूपरेखा एवं क्रेडिट फ्रेमवर्क की जानकारी छात्र-छात्राओं को दी गई। साथ ही महाविद्यालय के अनुशासन एवं नियमों से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।

महाविद्यालय में संचालित सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, जैसे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), खेलकूद, रोवर्स-रेंजर्स, रेडक्रॉस, रेड रिबन एवं देवभूमि उद्यमिता योजना आदि के संबंध में भी शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. जितेंद्र नौटियाल ने किया। इस अवसर पर ज्योति, सोनिया, डॉ. रंजीता, डॉ. नेत्रराम, रमा, अजय, विशाल त्यागी, शिशुपाल सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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