धाद के हरेला में बच्चों ने क्लाइमेंट चेंज पर कही अपने मन की
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। धाद के हरेला अभियान के अंतर्गत दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में “क्लाइमेट चेंज – बच्चों की नजर से” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस मौके पर स्कूली बच्चों ने अपने घर, आस पड़ोस व इलाके में विभिन्न माध्यमों की जांच पड़ताल की ।
कार्यक्रम का परिचय देते हुए हिमांशु आहूजा ने कहा
धाद का हरेला अभियान अपने सोलहवें साल में प्रवेश कर गया है।
पौधारोपण, जनसंपर्क एवं हरेला विमर्श के जरिए यह अभियान लगातार समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैला रहा है। अब इसमें हमने आने वाली पीढ़ी की नजर से हमारे मौसम के बदलाव को देखने की पहल की है।
कार्यक्रम का संचालन आशा डोभाल ने किया।

छात्रा अंतरिक्षा प्रताप सिंह ने बताया कि कैसे जुगनू, केंचूवा और कम्बल कीड़े जैसे सूक्ष्म जीव हमारे वातावरण के लिए बेहद जरुरी है लेकिन परिस्थितिकी परिवर्तन के चलते ये सब धीरे धीरे कम होते जा रहे है।
आमाना खान ने कहा किस तरह हर साल बेमौसमी बदलाव की वजह से मच्छर और मलेरिया जैसे प्रकोप बढ़ रहे है. क्योंकि गर्मी बेहतशा बढ़ती जा रही है ।
दिव्यांशी काम्बोज ने बताया उन्हें उनके पापा से जानकारी मिली कि बढ़ते शहरीकरण और मौसमी प्रभाव की वजह से लाल बास्मती की किस्म देहरादून से गायब हो गयी है ।
सदब ने कहा कि उनके निवास कौलागढ़ मे गौरेया पहले बहुत संख्या में दिखती थी,जो अब लगभग गायब हो गयी है।
हरबंस कपूर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कौलागढ़ से कुमारी सदब, सपना वर्मा और शहीद मेख बहादुर गुरुंग कैंट कन्या इंटर कॉलेज से दिव्यांशी काम्बोज,
अंतरिक्षा प्रताप सिंह एवं आमना खान ने अपनी बात रखी।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों की बात को आगे बढ़ाते हुए भारत ज्ञान विज्ञान समिति के विजय भट्ट ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन संबोधन धाद के उपाध्यक्ष गणेश चन्द्र उनियाल ने किया।
कार्यक्रम में डॉ एस एस खैरा, देवेन्द्र कांडपाल, तन्मय ममगाईं, ल आलोक सरीन, बी एस रावत, के नैथानी, महावीर रावत, प्रदीप डोभाल, अनिमेष गुप्ता, विजय भट्ट, नरेन्द्र सिंह रावत, कल्पना बहुगुणा, डॉ विद्या सिंह, नीना रावत, ममता डोभाल आदि उपस्थित रहे।



