अविकल उत्तराखंड
दिनेशपुर, उधम सिंह नगर। सड़क सुरक्षा नियमों पर आधारित मॉड्यूल “सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा” पर 4 दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स कार्यशाला का आयोजन 24 से 27 अक्टूबर तक अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, दिनेशपुर, उधमसिंह नगर में किया जा रहा है।
कार्यशाला का संचालन राज्य समन्वयक विनय थपलियाल के नेतृत्व में किया जा रहा है। कार्यशाला के संचालन में एससीईआरटी उत्तराखंड से प्रवक्ता अखिलेश डोभाल एवं प्रवक्ता संजय भट्ट का विशेष योगदान रहा है।
कार्यशाला में प्रदेश के सभी 13 जनपदों से आए डायट प्रवक्ता एवं शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे चलकर अपने-अपने जनपदों में विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर शिक्षकों और छात्रों को जागरूक करेंगे।
10 मॉड्यूल पर गतिविधि आधारित प्रशिक्षण
राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि कार्यशाला में कुल 10 मॉड्यूल पर गहन, गतिविधि आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य विषय इस प्रकार हैं –
- सड़क सुरक्षा का महत्व 2. यातायात संकेतक 3. सुरक्षित यातायात हेतु दिशानिर्देश 4. सड़क के प्रकार तथा अंकन (Road Marking) 5. सड़क सुरक्षा – वाहन चालकों के लिए सावधानियां 6. सड़क सुरक्षा – दुर्घटना, कारण एवं बचाव 7. सड़क सुरक्षा – कर्तव्य एवं प्रयास 8. मोटर वाहन अधिनियम 1988 (संशोधन 2019) – वाहन पंजीकरण एवं चालक लाइसेंस 9. सड़क सुरक्षा शपथ तथा विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा कार्ययोजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन 10. सड़क सुरक्षा कॉर्नर / प्रमुख सम्पर्क सूत्र / एसओपी / संदर्भ सामग्री मोटर वाहन अधिनियम पर विशेष सत्र
प्रशिक्षण के दौरान आरटीओ उधमसिंह नगर अरविंद पांडेय जी द्वारा विशेष सत्र लिया गया। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत आने वाले नियमों, नए संशोधनों और उनसे संबंधित चालान प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार छोटी-छोटी लापरवाही बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती है।
“रोको और टोको” अभियान एवं जागरूकता रैली
कार्यशाला के पहले दिन शाम को परिवहन विभाग के विशेष सहयोग से दिनेशपुर के विभिन्न मुख्य चौराहों पर एक जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली के दौरान प्रशिक्षु मास्टर ट्रेनर्स द्वारा “रोको और टोको अभियान” चलाया गया। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने वाले लोगों को रोककर उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया और सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यालयों में सड़क सुरक्षा कॉर्नर स्थापित करना, बच्चों में व्यवहारिक परिवर्तन लाना और “सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।




