अविकल उत्तराखंड
देहरादून। जौनसार-बावर क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जारी किए जाने तथा चकराता विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए जाने की संवैधानिक एवं तथ्यात्मक स्थिति की जाँच के निर्देश दिए गए हैं।
अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, देहरादून को एक विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में जौनसार-बावर क्षेत्र से संबंधित अनुसूचित जनजाति की संवैधानिक स्थिति, जनसंख्या एवं जनगणना अभिलेखों तथा चकराता विधानसभा क्षेत्र के आरक्षण के आधारों की जाँच कर स्थिति स्पष्ट करने की माँग की गई थी।

शिकायत का संज्ञान लेते हुए कार्यालय जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी, देहरादून ने दिनांक 7 सितम्बर 2026 को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/उप जिलाधिकारी, चकराता को पत्र भेजकर शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की नियमानुसार जाँच कराने के निर्देश दिए हैं।
कार्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जाँच पूरी करके उसकी आख्या जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए तथा शिकायतकर्ता को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाए।
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि अनुसूचित जनजाति की मान्यता तथा विधानसभा क्षेत्र का आरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक विषय है। इसलिए संबंधित राष्ट्रपति आदेश, संसदीय कानून, जनगणना अभिलेख, निर्वाचन आयोग की अधिसूचनाओं और अन्य सरकारी दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच होनी चाहिए। जाँच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना भी आवश्यक है, ताकि जनता के सामने वास्तविक संवैधानिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
यह पत्र फिलहाल जाँच का निर्देश है; इसे किसी आरोप पर अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।



