विशेषज्ञ कैडर और शोध को मिले प्राथमिकता
अलग-अलग प्रशासनिक ढांचे के बजाय एकीकृत अकादमिक व्यवस्था की मांग
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना और शिक्षक शिक्षा में प्रस्तावित राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय ढांचों के अनुरूप उत्तराखंड में SCERT और DIET के ढांचे का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
राजकीय शिक्षक संघ एससीईआरटी उत्तराखंड के अध्यक्ष विनय थपलियाल ने मांग की है कि राज्य में SCERT और DIET को अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों के रूप में देखने के बजाय एक सुसंगत एवं एकीकृत शिक्षक-शिक्षा अकादमिक ढांचे के रूप में विकसित किया जाए।
संघ का कहना है कि NEP 2020 में DIETs को DIETs of Excellence के रूप में विकसित करने तथा SCERT एवं DIET को उच्च स्तरीय अकादमिक, प्रशिक्षण और शोध संस्थानों के रूप में सशक्त करने की दिशा स्पष्ट की गई है।
ऐसे में केवल प्रशासनिक पदों और पारंपरिक विभागों का पुनर्गठन करने से नीति के वास्तविक उद्देश्यों की पूर्ति नहीं होगी।
SCF-TE लागू होने के बाद हो अंतिम ढांचा निर्धारित
संघ ने तर्क दिया है कि राज्य में State Curriculum Framework for Teacher Education (SCF-TE) को लागू किए जाने के बाद ही SCERT-डायट का अंतिम संगठनात्मक एवं कैडर ढांचा निर्धारित किया जाना अधिक उचित होगा। इससे शिक्षक शिक्षा, प्रशिक्षण, पाठ्यचर्या, शोध, मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा और नवाचार से जुड़ी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की जा सकेंगी।
संघ के अनुसार, जल्दबाजी में ऐसा ढांचा तैयार करना उचित नहीं होगा जिसमें बाद में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या संबंधी दिशानिर्देशों और शिक्षक शिक्षा के नए मानकों के अनुरूप बार-बार बदलाव करना पड़े। पहले नीति और अकादमिक भूमिका स्पष्ट हो तथा उसके बाद पदों, कैडर और विंग का निर्धारण किया जाए।
सामान्य प्रशासनिक कैडर से अलग हो Dedicated Teacher Education Cadre
पत्र में शिक्षक शिक्षा के लिए Dedicated Teacher Education Cadre बनाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। संघ का कहना है कि शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, पाठ्यचर्या निर्माण, मूल्यांकन, शोध और शैक्षिक नवाचार जैसे कार्य सामान्य प्रशासनिक कार्यों से अलग विशेषज्ञता की मांग करते हैं।
इसलिए SCERT और DIET में ऐसे अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की नियुक्ति होनी चाहिए, जिनके पास शिक्षक शिक्षा, शिक्षाशास्त्र और शोध कार्य का आवश्यक अकादमिक अनुभव हो। प्रशासनिक अधिकारियों के बार-बार स्थानांतरण से संस्थागत निरंतरता प्रभावित होने की आशंका भी संघ ने व्यक्त की है।
DIET में आधुनिक विशेषज्ञ विंग बनाने का सुझाव
प्रस्ताव में DIET के पारंपरिक विभागों के स्थान पर आधुनिक शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषज्ञ विंग विकसित करने की बात कही गई है। इनमें—
मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) विंग
मूल्यांकन एवं सतत विकास/आकलन विंग
शैक्षिक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल अधिगम विंग
समावेशी शिक्षा एवं परामर्श विंग
क्रियात्मक अनुसंधान एवं नवाचार विंग
जैसे क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं।
संघ का मानना है कि इससे DIET केवल प्रशिक्षण आयोजित करने वाला संस्थान न रहकर स्थानीय शैक्षिक समस्याओं पर शोध करने, समाधान विकसित करने और विद्यालयों को अकादमिक सहयोग देने वाला संस्थान बन सकेगा।
शीर्ष पदों पर भी अकादमिक नेतृत्व जरूरी
संघ ने SCERT/DIET जैसे शिक्षक शिक्षा संस्थानों के शीर्ष पदों पर प्रशासनिक कैडर के साथ-साथ अकादमिक विशेषज्ञता को अनिवार्य महत्व देने की मांग की है। उसका तर्क है कि इन संस्थानों का मूल कार्य पाठ्यचर्या निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान, शैक्षिक नीति और अकादमिक मार्गदर्शन है। इसलिए नेतृत्व की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्तियों को मिलनी चाहिए जिन्हें इन क्षेत्रों का व्यावहारिक एवं अकादमिक अनुभव हो।
CAS और अकादमिक पदोन्नति का स्पष्ट प्रावधान हो
पत्र में DIET में कार्यरत प्रवक्ताओं एवं वरिष्ठ प्रवक्ताओं के लिए Career Advancement Scheme (CAS) तथा अकादमिक पदोन्नति की पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता भी उठाई गई है। संघ का कहना है कि यदि विशेषज्ञ शिक्षकों को अकादमिक प्रगति का स्पष्ट अवसर नहीं मिलेगा तो उच्च योग्यताधारी विशेषज्ञों को शिक्षक शिक्षा संस्थानों में आकर्षित करना कठिन होगा।
SCERT और DIET का उद्देश्य प्रशासन नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा
राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनय थपलियाल और सचिव अखिलेश डोभाल की ओर से उठाए गए मुद्दे में कहा गया है कि SCERT और DIET का मूल उद्देश्य शिक्षक शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध, पाठ्यचर्या विकास तथा शैक्षिक नीति को अकादमिक आधार प्रदान करना है। इसलिए इनके ढांचे का निर्धारण केवल प्रशासनिक सुविधा के आधार पर नहीं, बल्कि NEP 2020 की भावना, SCF-TE के प्रावधानों और भविष्य की शिक्षक शिक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
संघ ने सरकार से मांग की है कि SCF-TE के लागू होने के बाद SCERT-डायट का एक समग्र, एकीकृत और विशेषज्ञता आधारित ढांचा तैयार किया जाए, जिसमें स्पष्ट कैडर, अकादमिक नेतृत्व, विशेषज्ञ विंग, शोध व्यवस्था, डिजिटल शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण की जिम्मेदारियां निर्धारित हों।
इससे उत्तराखंड में शिक्षक शिक्षा व्यवस्था को दीर्घकालिक और प्रभावी अकादमिक आधार मिल सकेगा।



