परिवहन निगम की याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा, सरकार शुक्रवार तक जवाब दें

रोडवेज की बसों के लिये आरक्षित मार्गों को निजी वाहनों के लिये खोले जाने का मामला

कोर्ट में दलील- आरक्षित रूट पर निजी वाहनों को परमिट देने पर परिवहन निगम की आय पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव

अविकल उत्तराखंड

नैनीताल। हाईकोर्ट ने रोडवेज की बसों के लिये आरक्षित 13 मार्गों को निजी वाहनों के लिये खोले जाने के मामले में सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से कल शुक्रवार तक जवाब देने को कहा है। इस प्रकरण को उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से चुनौती दी गयी है। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ में हुई। यूनियन की ओर से कहा गया कि प्रदेश सरकार ने आदर्श आचार संहिता से ठीक पहले 15 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के लिये आरक्षित 13 मार्गों को निजी वाहनों के लिये खोल दिया है।

इन मार्गो पर निजी वाहनों को परमिट दिये गये हैं। इससे खस्ताहाल परिवहन निगम की आय पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। याचिकाकर्ता की ओर से सरकार के इस कदम पर रोक लगाने की मांग की गयी। जिन मार्गों को निजी परमिट जारी किये गये हैं उनमें हल्द्वानी-रानीखेत, रानीबाग-नौकुचियाताल, हल्द्वानी-सितारगंज-खटीमा-टनकपुर, टनकपुर-पिथौरागढ़-धारचूला, मुरादाबाद-रामपुर-किच्छा-हल्द्वानी, रानीखेत-अल्मोड़ा, हरिद्वार-ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला, देहरादून-मंसूरी, देहरादून-नरेन्द्रनगर, सहारनपुर-भगवानपुर-चुड़ियाला, हरिद्वार-लक्सर, झबरेड़ा-मंगलौर एवं मंगलौर-लखनौता शामिल हैं। इस मामले में 22 मार्च को सुनवाई होगी।

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