820 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन
सात दिवसीय अभियान में 159 FIR, 10 साइबर अपराधी गिरफ्तार; 644 संदिग्ध SIM और 630 IMEI ब्लॉक
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ प्रदेशव्यापी सात दिवसीय “ऑपरेशन हॉटस्पॉट” चलाकर Money Mule Accounts, ATM और Cheque Withdrawal Locations, संदिग्ध SIM-POS, मोबाइल नंबर, IMEI और अन्य Digital Footprints पर एक साथ कार्रवाई की। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 24 अगस्त से 1 सितंबर तक चले अभियान में STF, Cyber Crime Units, District Cyber Cells और जनपद पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर चिन्हित हॉटस्पॉट पर ग्राउंड वेरिफिकेशन, दबिश, पूछताछ, FIR और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
अभियान से पहले 1 जुलाई से 31 जुलाई तक साइबर सुरक्षा अभियान चलाकर Digital, Telecom और Financial Indicators का तकनीकी विश्लेषण किया गया। I4C, DoT, RBI और अन्य संबंधित संस्थाओं से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर उन्हें आपस में Correlate किया गया और Actionable Intelligence तैयार की गई। इसके आधार पर संदिग्ध बैंक खाते, मोबाइल नंबर, SIM/IMEI, ATM और Cheque Withdrawal Locations तथा अन्य साइबर हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए।
820 बैंक खातों का सत्यापन, 1,236 ATM लोकेशन जांचीं
ऑपरेशन के दौरान 820 Suspect Bank Accounts का Verification किया गया, जिनके आधार पर 159 FIR दर्ज की गईं। इसी तरह 1,236 ATM Withdrawal मामलों/Locations का सत्यापन कर 32 FIR और 84 Cheque Withdrawal Locations का Verification कर 37 FIR दर्ज की गईं।

पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल पाए गए 644 संदिग्ध SIM और 630 IMEI ब्लॉक कराए। साथ ही 442 संदिग्ध शिकायतों/मामलों का सत्यापन किया गया। 22 Suspect SIM-POS का Verification कर 10 FIR दर्ज की गईं।
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई का उद्देश्य केवल साइबर ठगी करने वालों तक पहुंचना नहीं, बल्कि ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने और ATM या चेक के जरिए निकालने वाले Money Mules तथा साइबर अपराध के लिए संसाधन उपलब्ध कराने वाले Facilitators तक पहुंचना भी था।
हरिद्वार में “नवादा ग्रुप” का खुलासा
ऑपरेशन हॉटस्पॉट के दौरान हरिद्वार के श्यामपुर थाना पुलिस ने Mule Accounts, ATM Withdrawal, Suspect SIM और Cheque Withdrawal Data के विश्लेषण के आधार पर संगठित Cyber Fraud Network “नवादा ग्रुप” का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में इस नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम के Layer-01 Transaction पाए गए। आरोपियों के कब्जे से 45 से अधिक ATM Cards, 20 Bank Passbooks, दो Laptops और 17 Mobile Phones बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि Loan, Online Trading और पैसा दोगुना करने जैसे प्रलोभनों से ठगी गई रकम को Mule Accounts में ट्रांसफर कराया जाता था। इसके बाद ATM से Cash Withdrawal और CDM के माध्यम से रकम दूसरे बैंक खातों में जमा या ट्रांसफर कर Money Trail को तोड़ने का प्रयास किया जाता था। नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश मथुरा और नवादा, बिहार में भी की जा रही है।
ATM से ठगी की रकम निकालने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में ATM Withdrawal Data के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि इनके बैंक खातों में साइबर ठगी की Layer-01 रकम पहुंचती थी, जिसे आरोपी पांच प्रतिशत कमीशन लेकर ATM से निकालते थे।
वहीं, STF की Financial Fraud Unit ने 24 जुलाई को अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी नौकरी और आसान Loan दिलाने के नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनका नियंत्रण अपने पास रखते थे और इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने व निकालने में करते थे।
कोटद्वार में ₹3.86 लाख की Forex Trading ठगी का आरोपी गिरफ्तार
कोटद्वार में Forex Trading के नाम पर ₹3.86 लाख की साइबर ठगी के मामले में फरार आरोपी आशीष रिचर्ड को 1 सितंबर को पौड़ी से गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके आठ बैंक खातों में साइबर ठगी की करीब ₹1.50 करोड़ की रकम प्राप्त होना सामने आया। इनमें से करीब ₹7 लाख की रकम फ्रीज की गई है।
साइबर पोर्टल पर आरोपी के खिलाफ कोलकाता, काशी, कर्नाटक, अमृतसर, तमिलनाडु सहित विभिन्न स्थानों से 19 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब ₹32.18 लाख की रकम संबंधित है।
240 साइबर अपराधियों की Mapping से 100 से अधिक अंतरराज्यीय लिंक
वर्ष 2026 में उत्तराखंड पुलिस ने 240 साइबर अपराधियों/संदिग्धों का विवरण I4C के Samanvaya Portal पर अपलोड किया। इनकी अन्य राज्यों के साइबर अपराध मामलों से Mapping में 100 से अधिक Inter-State Linkages सामने आए हैं।
CIAR के माध्यम से साइबर अपराध मामलों में BNSS की धारा 35(3) के 303 नोटिस अन्य राज्यों को तामीली के लिए भेजे गए, जबकि अन्य राज्यों से उत्तराखंड आए 247 नोटिस भी तामील कराए गए।
साइबर अपराध नियंत्रण से संबंधित पहले दो PRAGATI Reviews में उत्तराखंड ने क्रमशः पांचवां और चौथा स्थान हासिल किया।
1930/NCRP पर 18,749 शिकायतें, ₹23.44 करोड़ की रकम Hold/Save
वर्ष 2026 में 1930/NCRP पर प्राप्त 18,749 Cyber Crime Complaints पर कार्रवाई करते हुए पुलिस, बैंकों और Financial Institutions के समन्वय से करीब ₹23.44 करोड़ की धनराशि Hold/Save कराई गई। इसी अवधि में प्राप्त 683 E-Zero FIR में से 659 को नियमित FIR में Convert/Link किया गया।
स्कूलों से सोशल मीडिया तक साइबर जागरूकता अभियान
पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई के साथ Awareness और Prevention पर भी जोर दिया। 27 अगस्त को आयोजित राज्यव्यापी Virtual Cyber Awareness Programme में करीब 1,100 राजकीय विद्यालयों के 1.75 लाख छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को AI/Deepfake, Cyber Bullying, Sextortion, Online Gaming, Digital Arrest, Investment Fraud और Social Media Safety के बारे में जागरूक किया गया।
1 जनवरी से 30 अगस्त तक प्रदेश में 5,688 विद्यालयों/महाविद्यालयों एवं व्यावसायिक संस्थानों, 3,423 जागरूकता शिविरों, 4,810 सार्वजनिक स्थानों, 151 नुक्कड़ नाटकों और 2,782 Social Media Campaigns समेत विभिन्न माध्यमों से साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान 23,238 वरिष्ठ नागरिकों को भी जागरूक किया गया।
2 सितंबर को चिन्हित Money Mules को पुलिस लाइन और थानों में बुलाकर काउंसलिंग की गई तथा बैंक खातों, UPI और मोबाइल नंबर के दुरुपयोग से बचने के लिए जागरूक किया गया।
चार जिलों में 3 सितंबर को भी Targeted Action
3 सितंबर को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल के चिन्हित Cyber Hotspot Zones में विशेष अभियान चलाया गया। STF की Technical Team के साथ जनपद पुलिस के 4 अपर पुलिस अधीक्षक, 10 क्षेत्राधिकारी, 20 SHO/SO, 132 SI/अपर उपनिरीक्षक, 240 हेड कांस्टेबल, 1,250 कांस्टेबल और PAC की आठ कंपनियों समेत करीब 2,000 पुलिसकर्मी कार्रवाई में लगाए गए हैं।
अभियान के दौरान 300 से अधिक संदिग्धों को निरुद्ध कर पूछताछ, संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल/SIM की जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नोटिस, मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर पुलिस ने कहा है कि ऑपरेशन हॉटस्पॉट के बाद भी साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। PRATIBIMB, NCRP और अन्य तकनीकी माध्यमों से प्राप्त Intelligence के आधार पर Cyber Hotspots, Money Mules, Suspect Bank Accounts, SIM/POS और साइबर अपराध में इस्तेमाल अन्य Digital एवं Financial Infrastructure को लगातार चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।



