बद्रीनाथ धाम से स्वर्ण मुकुट चुराने वाला गिरफ्तार

भगवान नारायण का मुकुट और नकदी बरामद

पांच लाख रुपये मूल्य का मणि जड़ित मुकुट चोरी कर फरार था आरोपी, पुलिस ने तीन दिन में किया खुलासा

अविकल उत्तराखंड

चमोली। उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम के मंदिर से भगवान नारायण का लगभग पांच लाख रुपये मूल्य का सोने का मणि जड़ित मुकुट चोरी करने वाले आरोपी को चमोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी के कब्जे से चोरी गया स्वर्ण मुकुट, 4,500 रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त बैग बरामद किया गया है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले का पुलिस ने तीन दिन के भीतर खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम, ब्रह्मकपाल के ब्रह्मचारी भगवत दास ने कोतवाली बद्रीनाथ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि आश्रम में भजन-कीर्तन के लिए शरण लेने वाले एक साधु ने 24 जुलाई की रात मंदिर से भगवान नारायण का स्वर्ण मुकुट तथा नकदी चोरी कर ली। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
धार्मिक स्थल से भगवान के मुकुट की चोरी को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय सूचना तंत्र और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने लगातार छानबीन और संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

29 जुलाई को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बद्रीश गंगा वाटिका गेट (हनुमानचट्टी रोड) के पास घेराबंदी कर आरोपी राघवराम पाठक उर्फ राघवदास (57 वर्ष), निवासी मुनीमपुर, थाना भिनगा, जनपद श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने आश्रम के मंदिर से भगवान नारायण का स्वर्ण मुकुट तथा आश्रम में ठहरे प्रभुदास नामक व्यक्ति के बैग से नकदी चोरी की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया मुकुट, 4,500 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त काला बैग बरामद कर लिया।

बरामदगी के बाद मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) भी जोड़ दी गई है। आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक भूपेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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