दून की भारी बारिश में कांग्रेस ने भाजपा को ललकारा
अविकल थपलियाल
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ने लगा है। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
इसी के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने देहरादून में शक्ति प्रदर्शन करते हुए भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री आवास कूच किया।
सोमवार को परेड ग्राउंड से निकले हजारों कांग्रेसियों को हाथीबड़कला के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और झड़प हुई। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और बाद में वहीं धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। और शाम को रिहा कर दिया।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी एवं एआईसीसी महासचिव कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और विधायक भुवन कापड़ी समेत बड़ी संख्या में पार्टी विधायक , पूर्व विधायक व कार्यकर्ता शामिल हुए।
कुमारी शैलजा ने मंच के शुद्धिकरण को संविधान और दलित समाज का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेरोजगारी, पेपर लीक और मंदिरों के चढ़ावे की चोरी जैसे मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी राजनीतिक साजिश बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि खड़गे के अपमान, महिला अपराध, पेपर लीक, रोजगार, मंदिरों में चढ़ावे की चोरी और जमीनों की नीलामी समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़क पर उतरी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के प्रदर्शन से सरकार की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि मंच का शुद्धिकरण संविधान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समाज को बांटने की राजनीति करती रही है और अब प्रदेश की जनता बदलाव के लिए तैयार है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि शुद्धिकरण की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने सरकार से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं हरक सिंह रावत ने कहा कि खड़गे की जनसभा में उठाए गए मुद्दों से सरकार घबरा गई, जिसके बाद मंच का शुद्धिकरण कराया गया।
विधायक भुवन कापड़ी ने भी इस घटना को संविधान का उल्लंघन बताते हुए दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड से राजनीतिक बदलाव की शुरुआत होगी। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन और तेज किया जाएगा।

पूर्व मेयर व ब्लाक प्रमुख कांग्रेस में शामिल
कांग्रेस ज्वाइन करने वालों में रुड़की के पूर्व महापौर यशपाल राणा हरिद्वार के पूर्व प्रधानाचार्य मनोज कुमार सैनी यमकेश्वर कोटद्वार से पूर्व प्रमुख भुवनेश खर्कवाल, पूर्व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पुरोला भजनलाल आर्य आदि शामिल हुए।
सभा का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया।




