शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के दर्जनों सदस्यों ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास का कूच किया। पांच दिन का अल्टीमेटम दिए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए कोई पहल न होने पर आंदोलनकारी अलग-अलग वाहनों से मुख्यमंत्री आवास के निकट पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें रोककर वार्ता कराई, जिसमें चिन्हीकरण की मांग का शीघ्र निस्तारण करने का आश्वासन दिया गया।

परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार और महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने यह कदम उठाया। परिषद का कहना है कि लंबे समय से पात्र राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के संयोजक अंबुज शर्मा ने आंदोलनकारियों के कार्यक्रम को मंच का पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर मंच भी लगातार प्रयासरत है। पात्र आंदोलनकारियों का जल्द से जल्द चिन्हीकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के बैनर तले आंदोलनकारी पिछले 97 दिनों से शहीद स्मारक, देहरादून में नियुक्ति की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। संयुक्त परिषद ने इस आंदोलन में लगातार सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि अगली कैबिनेट बैठक में नियुक्ति संबंधी निर्णय और कैबिनेट उपसमिति के गठन के आश्वासन के बाद शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी रखा गया है।

कार्यक्रम में पंकज सिंह रावत, मनोरथ ध्यानी, राम किशन, रेखा शर्मा, प्रभात डंडरियाल, बालेश बवानिया, प्रशांत तड़ियाल, शैलेश सेमवाल, सूफी खलीक अहमद, सत्या पोखरियाल, सत्यप्रकाश चौहान, सुशील विरमानी, महेश कुमार, गीता नेगी, एकादशी देवी और देवेश्वरी गुसाईं सहित अन्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।



