11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक होगा रामलीला का मंचन
अविकल उत्तराखंड
डोईवाला- हिमालयन रिक्रेएशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट (एचआरडब्लूटी) की ओर से स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय प्रांगण में विगत वर्ष की तरह इस बार भी रामलीला का भव्य आयोजन किया जा रहा है। एचआरडब्लूटी के सचिव रुपेश महरोत्रा ने बताया कि 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजन प्रतिदिन शाम छह बजे से मंचित होगा।
रामलीला के दौरान प्रत्येक दिन रामायण की विभिन्न लीलाओं का सजीव मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के स्टाफ, छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक एवं स्थानीय जनसमुदाय शामिल होकर दिव्य वातावरण का अनुभव कर सकेंगे।
यह रामलीला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगी बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी। पारंपरिक वेशभूषा, मंचन कला और संगीत के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा जन-जन तक पहुँचाई जाएगी।
आयोजन की मुख्य झलकियाँ
- पहला दिन (11 अक्टूबर)- श्रवण लीला, रावण तपस्या, शिव पार्वती प्रसंग, विष्णू लक्ष्मी प्रसंग, दशरथ प्रसंग, राम जन्म, जनक प्रसंग, सीता जन्म
- दूसरा दिन (12 अक्टूबर)- सुबाहू-मारीच प्रसंग, विश्वामित्र आगमन, राम लक्ष्मण प्रसंग, ताड़का वध, सुबाहु-मारीच वध, अहिल्या उद्धार-अवतरण
- तीसरा दिन (13 अक्टूबर)- सीता स्वयंवर, परशुराम लक्ष्मण संवाद, राम बारात
- चौथा दिन (14 अक्टूबर)- दशरथ दरबार, कैकयी मंथरा संवाद, राम वनवास, सुमंत विदाई, केवट लीला
- पाँचवाँ दिन (15 अक्टूबर)- भरत शत्रुघ्न आगमन, भरत मिलाप, शूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, रावण दरबार
- छठा दिन (16 अक्टूबर)- बूढ़ा मारीच प्रसंग, साधु वेश में रावण, सीता हरण, शबरी भक्ति-प्रसंग, हनुमान अवतरण-मिलन, सुग्रीव दरबार
- सातवाँ दिन (17 अक्टूबर)- बाली सुग्रीव युद्ध, अशोक वाटिका प्रसंग, अक्षय कुमार वध, मेघनाद प्रसंग, लंका दहन
- आठवाँ दिन (18 अक्टूबर)- रामेश्वर स्थापना, रावण दरबार, विभीषण का लंका से निष्कासन, अंगद रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाना
- नौवाँ दिन (19 अक्टूबर) कुंभकरण वध, मेघनाद वध, सती सुलोचना प्रसंग, अहिरावण वध, मकरध्वज प्रसंग, रावण वध
- दसवाँ दिन (20 अक्टूबर)- दशहरा




