अविकल उत्तराखंड
देहरादून। एचआईवी/एड्स नियंत्रण एवं जागरूकता के उद्देश्य से रविवार को देहरादून में राज्य स्तरीय ‘रेड रन’ मैराथन प्रतियोगिता आयोजित की गई। उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ सुबह सात बजे फ्लैग ऑफ के साथ हुआ।
प्रतियोगिता का शुभारंभ संयुक्त निदेशक, बेसिक सर्विस अनुभाग, उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति डॉ. अमित शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। युवाओं को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव और उपचार की सही जानकारी हासिल कर समाज में भी जागरूकता फैलानी चाहिए। उन्होंने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करने और उन्हें सम्मान व सहयोग देने की अपील की।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि ‘रेड रन’ जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली के साथ एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से सही जानकारी अपनाने, भेदभाव मिटाने और एचआईवी/एड्स की रोकथाम में भागीदार बनने का आह्वान किया। प्रतियोगिता में 17 से 25 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
‘रेड रन’ मैराथन यामाहा शोरूम के निकट पेट्रोल पंप, कैनाल रोड, एनआईईपीवीडी, बाला सुंदरी मंदिर, स्कॉलर होम बैक गेट, इंदरबाबा मार्ग और पॉलिटेक्निक के निकट से होते हुए वापस यामाहा शोरूम पर समाप्त हुई।
पुरुष वर्ग में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के अमरदीप, फैजान और मुकेश ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में स्पोर्ट्स कॉलेज की तनुशी चौहान, रितिका रावत और सोनाली डोडियाल क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 10 हजार, 7,500 और 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
मैराथन में स्पोर्ट्स कॉलेज के फुटबॉल प्रशिक्षक पंकज भट्ट, हॉकी प्रशिक्षक पंकज रावत, क्रिकेट प्रशिक्षक हरप्रीत सिंह, पंकज पोखरियाल, उमेश सिंह गढ़िया और करन प्रजापति सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया।
उप निदेशक वित्त महेंद्र कुमार ने कहा कि ‘रेड रन’ जैसे आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के साथ एचआईवी/एड्स से बचाव, जागरूकता और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।




