होटल और बार की तरह चल रहे होमस्टे बने कानून-व्यवस्था के लिए खतरा
पर्यटन वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया शुरू
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। जनपद में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होमस्टे पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 103 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के तहत संबंधित होमस्टे को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 153 निरीक्षण किए।
जांच में प्रथम चरण में 17, द्वितीय चरण में 79 और तृतीय चरण में 7 होमस्टे नियमों के विपरीत संचालित पाए गए, जिनके पंजीकरण निरस्त कर दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
निरीक्षण में सामने आया कि कई होमस्टे होटल, बारातघर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह संचालित किए जा रहे थे। कई स्थानों पर रातभर नियमविरुद्ध बार संचालन, लाउड डीजे और नशे से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं।
प्रशासन के अनुसार, उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग इन होमस्टे में ठहरकर शहर में हुड़दंग, ओवरस्पीडिंग और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे थे, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
जांच में यह भी पाया गया कि अनेक होमस्टे बिना अग्निशमन उपकरणों और फूड लाइसेंस के संचालित हो रहे थे। कई स्थानों पर रसोई व्यवस्था नहीं मिली, जबकि कुछ इकाइयां लीज और किराये पर चलाई जा रही थीं। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन भी पाया गया। विदेशी नागरिकों के ठहराव की अनिवार्य सी-फॉर्म सूचना उपलब्ध नहीं कराने के मामले भी सामने आए।
प्रशासन ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय लोगों की आय को बढ़ावा देना है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे व्यावसायिक होटल व्यवसाय का माध्यम बना दिया था। इसी को देखते हुए व्यापक सत्यापन और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच के लिए क्षेत्रवार समितियां गठित की गई थीं। समितियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य होमस्टे संचालकों के खिलाफ भी आगे सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



