डिजिटल कैटेलिस्ट प्रोग्राम 2026 के समापन पर विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए social- स्टार्टअप्स
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। कल्पवृक्ष सस्टेनेबल डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा UPES-EOA के संस्थागत सहयोग एवं Efiwe AI India Pvt. Ltd. के तकनीकी सहयोग से आयोजित डिजिटल कैटेलिस्ट प्रोग्राम 2026 — AUGMENT का समापन UPES, देहरादून में उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
इस 10 दिवसीय आवासीय बूटकैम्प में उत्तराखंड के 13 जिलों से आए विद्यार्थियों ने AI literacy, digital skills, design thinking, communication और social-startup thinking जैसे भविष्य-निर्णायक कौशल सीखे।
समापन समारोह में विद्यार्थियों ने स्थानीय समस्याओं पर आधारित सामाजिक स्टार्टअप्स प्रस्तुत किए।

HIMORA परियोजना Purola, Uttarkashi में सेब आधारित value-added products के माध्यम से स्थानीय रोजगार और पलायन-नियंत्रण पर केंद्रित रही। वहीं SUGAMYA परियोजना Pithoragarh में सार्वजनिक शौचालय, पेय जल और dustbins को खोजने में मदद करने वाला hygiene-mapping platform है।
उत्तराखण्ड सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, AI को वास्तविक समस्याओं के समाधान में उपयोग करने और रोजगार से आगे बढ़कर value creation की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को “Stay Hungry, Stay Foolish” का संदेश देते हुए कहा कि आज के युवाओं को केवल अपने क्षेत्र में नहीं, बल्कि देश और दुनिया के स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार होना होगा।
UPES-Extension and Outreach Activities टीम ने विद्यार्थियों द्वारा केवल 10 दिनों में विकसित किए गए prototypes की सराहना की और कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण exposure, mentorship और उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। टीम ने विद्यार्थियों को UPES में उपलब्ध उच्च शिक्षा और scholarship opportunities के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, mentors, trainers, volunteers और कल्पवृक्ष टीम की उपस्थिति रही। समारोह का समापन प्रमाणपत्र वितरण और समूह चित्र के साथ हुआ।



